रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में तकनीकी अड़ंगों के कारण रोक लगने का आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने लगाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार नए नियमों और शर्तों के माध्यम से गरीब बच्चों को शिक्षा सहायता से वंचित करने की कोशिश कर रही है।
दीपक बैज ने बताया कि छात्रवृत्ति के नाम पर राशन कार्ड और बैंक खातों में केवाईसी अनिवार्यता को औचित्यहीन कारण बनाया जा रहा है। इसके चलते कई छात्र-छात्राएं अपनी स्कॉलरशिप से वंचित हो रहे हैं। साथ ही, गणवेश, साइकिल जैसी अन्य सुविधाओं में उपस्थिति और अव्यावहारिक शर्तें लगाकर बच्चों को उनके हक से दूर रखा जा रहा है।
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उन्होंने सरकार से अपील की कि तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए, सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाया जाए और छात्रवृत्ति की राशि बच्चों के खाते में तत्काल पहुंचाई जाए। दीपक बैज ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ के छात्रों को 30 योजनाओं के तहत छात्रवृत्ति दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इन योजनाओं में अड़ंगों की शुरुआत हो गई।
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अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि आधार कार्ड और राशन कार्ड में मिसमैच बताकर कई छात्रों का पंजीकरण रोक दिया गया है, जबकि अनेकों छात्र-छात्राओं को केवाईसी का बहाना देकर योजना से बाहर किया गया। उनका कहना है कि यह दुर्भावनापूर्ण नीति सीधे गरीब और आरक्षित वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार को प्रभावित कर रही है।
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