रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर बजट राशि का सही उपयोग न करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आवंटित बजट का खर्च न हो पाना सरकार के “जन विरोधी चरित्र” को उजागर करता है।
घोषणावीर सरकार: 10 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि रही अछूती
सुरेंद्र वर्मा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आठ प्रमुख विभागों के लिए लगभग 65 हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया था। लेकिन सरकार की कथित दुर्भावना और अकर्मण्यता के चलते 55 हजार करोड़ भी खर्च नहीं किए जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राज में बजट अब केवल “जुमला” और “कागजी आंकड़ा” बनकर रह गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने विभिन्न विभागों की स्थिति को दयनीय बताया है: प्रदेश में इलाज और दवाओं के अभाव के बीच, स्वास्थ्य बजट की 2500 करोड़ की राशि खर्च ही नहीं की गई।उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा के बजट की आधी राशि भी उपयोग में नहीं आई। प्रदेश में 65 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त होने के बावजूद नई भर्तियां रोकी गई हैं। मध्याह्न भोजन और छात्रवृत्ति वितरण में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। कृषि बजट के 1084 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए। सड़कों और पुलों के रखरखाव के लिए भी बजट का उपयोग नहीं किया गया।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि एक तरफ जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी से छात्र परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार बजट होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं पर पैसा खर्च करने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नए सेटअप के नाम पर शिक्षकों के न्यूनतम पदों में भी कटौती कर दी है, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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