रायपुर 11 जनवरी 2026
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर किसानों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की धान खरीदी पूरी होने में अब केवल एक पखवाड़ा शेष है और ब्रेकिंग न्यूज:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी घोषणा राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 58% महंगाई भत्ता
यही वह समय होता है जब बड़े किसानों का धान मंडियों में आता है। ऐसे निर्णायक समय में सरकार द्वारा खरीदी को नियंत्रित करने के लिए अव्यावहारिक और किसान विरोधी शर्तें थोपी जा रही हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि धान खरीदी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिदिन जारी किए गए टोकन और वास्तविक खरीदी के बीच अधिक से अधिक अंतर रखा जाए। इसका सीधा अर्थ है कि जितना टोकन काटा गया है उतना धान न खरीदा जाए। कांग्रेस का आरोप है कि इसी नीति के कारण इस वर्ष अधिकांश सोसाइटियों में धान खरीदी का आंकड़ा अब तक बेहद कम है और किसानों को जानबूझकर धान बेचने से रोका जा रहा है।
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सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश में अभी भी लगभग पांच लाख ऐसे किसान हैं जिन्होंने एक बार भी धान नहीं बेचा है। आने वाले अंतिम 15 दिनों में धान की आवक स्वाभाविक रूप से तेज होती है लेकिन सरकार दुर्भावनापूर्ण तरीके से इस आवक को रोकने के उपाय कर रही है। एक ओर प्रतिदिन टोकन की संख्या घटाई जा रही है वहीं दूसरी ओर सत्यापन के नाम पर नए फार्मूले लागू किए जा रहे हैं ताकि किसान अपना पूरा धान न बेच सकें।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भौतिक सत्यापन के लिए अलग से एक नया ऐप बनाया गया है जिसकी ट्रेनिंग पटवारियों को दी जा चुकी है और बिना सत्यापन के किसी भी किसान का धान नहीं खरीदने का निर्देश दिया गया है। पिछले वर्ष की खरीदी के आधार पर भौतिक सत्यापन करने का दबाव बनाया जा रहा है जिसका पटवारियों द्वारा विरोध भी किया गया है।
रकबा समर्पण के नाम पर धान कम खरीदने के आरोप को दोहराते हुए सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के किसान समझ चुके हैं कि डबल इंजन वाली भाजपा सरकार किसानों का पूरा धान खरीदने के पक्ष में नहीं है। रायगढ़ जिला पटवारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन इस सरकार की मंशा को साफ उजागर करता है। पटवारियों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा किसानों पर रकबा समर्पण के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए मांग की है कि रकबा समर्पण और खरीदी रोकने से जुड़े सभी आदेशों को तत्काल रोका जाए तथा किसान विरोधी मानसिकता से काम कर रहे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों के साथ हो रहे इस अन्याय को नहीं रोका गया तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।


