जशपुर: जिले के सन्ना थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में न्याय की जीत हुई है। विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर के माननीय अपर सेशन न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने आरोपी सुखदेव राम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की कड़ी सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 18 जनवरी 2023 की है, जब 14 वर्षीय पीड़िता घर से नहाने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच, पीड़िता के घर में बैल-बकरी चराने वाला युवक सुखदेव राम भी गांव से गायब था। इस पर परिजनों ने उस पर अपहरण का संदेह जताते हुए 19 जनवरी 2023 को थाना सन्ना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 03/2023 के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद किया और आरोपी के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर, चिकित्सीय परीक्षण के साथ पुख्ता सबूत तैयार किए।
माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो) जशपुर में सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुखदेव राम को निम्नलिखित सजा सुनाई: जिसमें धारा 363 भा.दं.सं. के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदण्ड।धारा 366क भा.दं.सं.:के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदण्ड।धारा 376(3) भा.दं.सं.:के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदण्ड।धारा 6 पॉक्सो अधिनियम:के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदण्ड।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जिला जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी सन्ना, निरीक्षक एल.एन. राठिया की कुशल विवेचना और विशेष लोक अभियोजक श्री अनुपम कुमार तिर्की की प्रभावी पैरवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष द्वारा सशक्त साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के कारण ही आरोपी को कठोरतम सजा मिल सकी।
जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के माध्यम से अपराधियों को सख्त सजा दिलाना उनकी प्राथमिकता है।


