रायपुर, 13 मार्च 2026 — छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के खुलासे के बाद अब प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सीधे मुख्यमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में नशे का यह काला कारोबार पूरी तरह सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा है। बैज ने कहा कि दुर्ग और बलरामपुर में पकड़ी गई अफीम की खेती महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि भाजपा नेताओं और सरकार की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
दीपक बैज ने दुर्ग में अफीम की खेती के मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार के भाजपा के कद्दावर नेताओं के साथ संबंधों को उजागर किया। उन्होंने दावा किया कि अजय जामवाल, बीएल संतोष, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के मंत्रियों के साथ आरोपी की सक्रिय सहभागिता यह साबित करती है कि वह सिर्फ एक मोहरा है, जबकि असली खिलाड़ी भाजपा के बड़े नेता हैं। बैज ने सवाल उठाया कि बिना सरकारी शह के प्रदेश के गली-कूचों में गांजा, शराब और सूखे नशे का इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा होना नामुमकिन है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बलरामपुर और दुर्ग की डिजिटल गिरदावरी रिपोर्ट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर अफीम लहलहा रही थी, सरकारी दस्तावेजों में वहां मक्का और गेहूं की फसल दिखाई गई। इतना ही नहीं, अफीम उगाने वाले भाजपा से जुड़े लोगों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि तक दी गई। बैज ने कहा कि डिजिटल गिरदावरी में इस तरह का फर्जीवाड़ा बताता है कि कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को ऊपर से सख्त निर्देश थे कि वे अफीम की खेती पर पर्दा डालें।
दीपक बैज ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ को ‘नशे का गढ़’ बनाने पर तुली हुई है। दुर्ग और बलरामपुर के खुलासे तो महज झांकी हैं, हकीकत में पूरे प्रदेश में भाजपाई संरक्षण में अफीम और गांजे की खेती करवाई जा रही है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि जब तक सत्ता में बैठे रसूखदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदेश से नशे का यह जाल खत्म नहीं होगा।

