भारत में हाल के समय में एलपीजी गैस की सप्लाई और कीमतों से जुड़ी चिंताओं के कारण रसोई में वैकल्पिक साधनों का चलन तेजी से बढ़ा है। इसी कड़ी में इंडक्शन कुकटॉप सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरा है क्योंकि यह गैस के मुकाबले जल्दी गर्म होता है, सुरक्षित है और पोर्टेबल होने के कारण कहीं भी ले जाया जा सकता है। हालांकि, इंडक्शन का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि क्या इस बिजली के चूल्हे को लगातार कई घंटों तक चलाया जा सकता है। इसका जवाब थोड़ा तकनीकी है क्योंकि हर इंडक्शन की क्षमता और उसका डिजाइन अलग-अलग होता है, जो इसके लगातार चलने की अवधि को निर्धारित करता है।
आमतौर पर घरेलू इस्तेमाल के लिए आने वाले इंडक्शन कुकटॉप 1500 से 2000 वॉट की क्षमता के होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मॉडलों को मध्यम तापमान पर 2 से 4 घंटे तक लगातार चलाया जा सकता है, लेकिन अगर आप इसे हाई पावर मोड यानी 1800 से 2200 वॉट पर चला रहे हैं, तो इसे 1 से 2 घंटे से ज्यादा लगातार चलाना सही नहीं माना जाता। अत्यधिक तापमान पर लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इसके अंदर लगे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और तांबे की कॉइल के गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि प्रतिष्ठित ब्रांड्स के इंडक्शन में सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक शट-ऑफ फीचर दिया जाता है, जो 60 से 120 मिनट के बाद मशीन को अपने आप बंद कर देता है ताकि ओवरहीटिंग से डिवाइस को नुकसान न पहुंचे।
इंडक्शन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंडक्शन को हमेशा एक समतल और हवादार जगह पर रखना चाहिए और दीवार से इसकी दूरी कम से कम 10 से 15 सेंटीमीटर होनी चाहिए ताकि गर्म हवा आसानी से बाहर निकल सके। इसके अलावा, खाना पकाने के तुरंत बाद स्विच बंद करने की गलती न करें क्योंकि इंडक्शन के अंदर लगा कूलिंग फैन कुछ मिनटों तक चलता रहता है जो डिवाइस को ठंडा करने के लिए जरूरी होता है। यदि आपको बहुत देर तक कुकिंग करनी है, तो बेहतर होगा कि हर 2-3 घंटे के अंतराल में मशीन को 10-15 मिनट का ब्रेक दें। नियमित रूप से इसके वेंट और ब्लोअर की सफाई करना भी जरूरी है ताकि धूल जमा होने के कारण मशीन का वेंटिलेशन बाधित न हो।
घरेलू इंडक्शन कुकटॉप कमर्शियल मॉडल की तरह 8-10 घंटे लगातार चलने के लिए नहीं बने होते हैं। इसलिए, डिवाइस की लंबी उम्र और अपनी सुरक्षा के लिए यूजर मैनुअल में दिए गए ‘कंटीन्यूअस यूसेज’ के निर्देशों का पालन करना ही समझदारी है। सही बर्तन का चुनाव और उचित रखरखाव आपके इंडक्शन को लंबे समय तक नया और सुरक्षित बनाए रख सकता है।

