ओबीसी छात्रवृत्ति:सुदूर बस्तर और सरगुजा के जिलों में 100% सफलता, पर राजधानी दुर्ग रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में बिगड़े आंकड़े”
रायपुर: प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के 26 प्रमुख जिलों में वर्तमान में डायलिसिस केंद्र सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। यह कदम किडनी रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए स्थानीय स्तर पर राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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जारी सूची के अनुसार, अधिकांश जिलों में जिला चिकित्सालयों के माध्यम से डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। विशेष बात यह है कि कुछ जिलों में जिला मुख्यालय के अलावा अन्य केंद्रों पर भी यह सुविधा उपलब्ध है:
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जशपुर में सबसे अधिक 3 केंद्र संचालित हैं (जिला चिकित्सालय जशपुर, सिविल अस्पताल पत्थलगांव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी)। यहाँ 2 केंद्र संचालित हैं (जिला चिकित्सालय गरियाबंद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग)। दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर, बस्तर और कोरबा जैसे सभी प्रमुख जिलों में कम से कम एक समर्पित डायलिसिस केंद्र क्रियाशील है।
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दस्तावेज़ के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में डायलिसिस केंद्र सक्रिय हैं:
दुर्ग, बिलासपुर, जशपुर, कांकेर, महासमुंद, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, रायपुर, बलौदाबाजार, मुंगेली, धमतरी, कोरिया, सूरजपुर, कवर्धा, बालोद, राजनांदगांव, बीजापुर, बेमेतरा, सुकमा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और बलरामपुर।
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इन केंद्रों के संचालन से अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को डायलिसिस के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। सरकारी केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध होने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
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