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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया और शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) व ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया। यह जनगणना का कार्य पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगा, जिसमें पहली बार उत्तरदाताओं को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया जा रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना कार्य होगा, जिसमें 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी के प्रतीक हैं। ये शुभंकर जनगणना से संबंधित जानकारी और उद्देश्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और जन-सुलभ रूप में पहुँचाने का कार्य करेंगे।
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सी-डैक (C-DAC) द्वारा विकसित ये चार डिजिटल प्लेटफॉर्म जनगणना प्रक्रिया को सटीक और पारदर्शी बनाएंगे। इनमें ‘हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर’ (HLBC) वेब एप्लिकेशन उपग्रह चित्रों की सहायता से तकनीकी रूप से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने में सक्षम है। वहीं, ‘HLO मोबाइल एप्लिकेशन’ एक सुरक्षित ऑफलाइन ऐप है, जो प्रगणकों को सीधे सर्वर पर डेटा अपलोड करने की सुविधा देता है, जिससे पारंपरिक कागजी कार्य समाप्त हो जाएगा। पहली बार शुरू किया गया ‘स्व-गणना’ (SE) पोर्टल उत्तरदाताओं को घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का विकल्प देता है, जिसके बाद उन्हें एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलेगी। इसके अलावा, ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS) पोर्टल अधिकारियों को एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय में कार्यों की निगरानी करने में मदद करेगा।
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यह जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण, यानी गृह-सूचीकरण एवं आवास जनगणना, 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच प्रत्येक राज्य द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की अवधि में संचालित की जाएगी। वहीं, द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में पूरे भारत में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें जाति संबंधित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। लद्दाख और हिमाच्छादित गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए गणना का समय अलग निर्धारित किया गया है। जनगणना-2027 की संदर्भ तिथि सभी राज्यों के लिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि होगी।
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