रायपुर। छत्तीसगढ़ में नौतपा खत्म होने के बाद भी सूरज के तेवर ढीले नहीं पड़ रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और भारी उमस का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, इस भीषण तपिश के बीच राहत की खबर यह है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना है।
राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तपिश, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
छत्तीसगढ़ में इस वक्त गर्मी का सबसे तगड़ा प्रहार राजनांदगांव में देखने को मिल रहा है, जहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इसके विपरीत, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
प्रमुख शहरों में पारे का हाल:
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राजनांदगांव: 42.0°C
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बालोद: 40.6°C
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बिलासपुर: 40.3°C
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रायपुर (राजधानी): 40.2°C (आज 41°C तक पहुंचने की आशंका)
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सक्ती: 39.1°C
सरगुजा-बस्तर में राहत: जहां मैदानी इलाके लू से तप रहे हैं, वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग में मौसम सुहावना बना हुआ है। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और अंबिकापुर में 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटे में दंतेवाड़ा में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक 3 सेंटीमीटर बारिश दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोरबा और पेंड्रा रोड में 2-2 सेंटीमीटर, जबकि मैनपाट, पथरिया, भैसमा, कांसाबेल, कटघोरा और सूरजपुर में 1-1 सेंटीमीटर पानी गिरा।
राजधानी रायपुर समेत 21 जिलों में आंधी-बारिश का ‘नाउकास्ट’ अलर्ट
मौसम विभाग ने आज सुबह सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, जीपीएम, बेмеतरा, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी (Nowcast) जारी की है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में तेज अंधड़ के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शाम या रात तक तेज आंधी के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग की गाइडलाइन: किसान और आम जनता रहें सतर्क
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दोपहर के वक्त बिना वजह घरों से बाहर न निकलें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार पानी पीते रहें। सफर के दौरान आंधी-बारिश शुरू होने पर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के खंभों व जलाशयों से दूर रहें।
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मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। साथ ही, बारिश के दौरान खेतों में कीटनाशक और खाद (उर्वरक) का छिड़काव बिल्कुल न करें।

