**जशपुर।** जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से जशपुर जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति (NMMSE) परीक्षा 2025-26 में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जशपुर जिले की प्रगति अत्यंत प्रभावशाली रही है। वर्ष 2023-24 में जिले से केवल 66 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 5 विद्यार्थी सफल हुए थे। इसके बाद वर्ष 2024-25 में आवेदन संख्या बढ़कर 84 हुई और 31 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। वहीं, चालू शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले ने ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए 428 विद्यार्थियों का आवेदन सुनिश्चित किया। इनमें से 164 विद्यार्थियों ने न केवल परीक्षा उत्तीर्ण की, बल्कि 77 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए अपना स्थान सुरक्षित किया।
इस सफलता के पीछे जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा का मार्गदर्शन और ‘यशस्वी जशपुर’ की प्रभावी कार्ययोजना रही है। इस मुहिम के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता और ओपन लिंक्स फाउंडेशन के समन्वय से शिक्षा विभाग ने जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारी की थी। सत्र की शुरुआत में ही सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों को छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया था, ताकि वे विद्यार्थियों को सही दिशा दे सकें। इसके साथ ही संकुल समन्वयकों को भी सक्रिय किया गया ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी फॉर्म भरने से वंचित न रहे।
विद्यार्थियों की तैयारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भरपूर उपयोग किया गया, जिसमें विशेष रूप से विनोबा ऐप सहायक सिद्ध हुआ। ओपन लिंक्स फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए तीन विशेष अभ्यास परीक्षाएं आयोजित की गईं और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के माध्यम से उन्हें निरंतर अभ्यास कराया गया। समूह प्रशिक्षण के द्वारा विद्यार्थियों की तैयारी को एक मजबूत आधार प्रदान किया गया।
जशपुर जिले का यह परिणाम साबित करता है कि सही रणनीति, नियमित निगरानी और शिक्षकों की प्रतिबद्धता से सीमित संसाधनों के बीच भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडे, विनोबा टीम के जितेंद्र सिंह, अजहर शेख, बिपलब देवशर्मा, आनंद कुमार टोप्पो और सोमनाथ साहू ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता न केवल जशपुर जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक शिक्षा मॉडल के रूप में उभरी है।

