पिछले कुछ दिनों से Facebook और Whatsapp पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि “कल से फेसबुक के नए नियम लागू होंगे और अगर आपने एक खास पोस्ट कॉपी-पेस्ट नहीं की तो आपकी निजी तस्वीरें और जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है”। इस खबर ने लाखों यूज़र्स को परेशान कर दिया है, लेकिन क्या सच में ऐसा कोई नया नियम आने वाला है? आइए, आपको बताते हैं इस वायरल पोस्ट का सच, फेसबुक की असली पॉलिसी और आपकी प्राइवेसी का सही तरीका।
Facebook के वायरल मैसेज में क्या लिखा है?
पिछले कुछ दिनों से एक लंबा मैसेज कॉपी-पेस्ट के जरिए फैल रहा है, जिसमें यूज़र्स से कहा जा रहा है कि:
- अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक खास टेक्स्ट अपने प्रोफाइल पर पोस्ट करें।
- अगर ऐसा नहीं किया तो फेसबुक (Meta) को आपकी फोटो, वीडियो और डेटा इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाएगी।
- इसमें “कल से लागू नए नियम” और “आधिकारिक मुहर 9:20 बजे” जैसी बातें भी जोड़ी गई हैं।
इस तरह के मैसेज को पढ़कर कई लोग तुरंत अपने प्रोफाइल पर कॉपी-पेस्ट करने लगते हैं, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है।
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Facebook का असली बयान: ये सब फेक है!
Facebook (Meta) ने पहले भी कई बार साफ किया है कि ऐसे कॉपी-पेस्ट मैसेज का कोई कानूनी असर नहीं होता।
- Facebook की Terms & Conditions और Privacy Policy हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन के जरिए अपडेट होती है।
- कोई भी यूज़र सिर्फ एक पोस्ट लिखकर अपनी पॉलिसी नहीं बदल सकता।
- आपकी प्राइवेसी सेटिंग्स का पूरा कंट्रोल आपके अकाउंट के Settings & Privacy सेक्शन में होता है।
Meta का कहना है कि ये पोस्ट पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है, जिसका मकसद लोगों में डर और भ्रम फैलाना है।
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फर्जी मैसेज से बचने के 5 जरूरी टिप्स
- सोर्स चेक करें – किसी भी मैसेज या खबर को पढ़ने के बाद देखें कि यह फेसबुक के आधिकारिक पेज, वेबसाइट या वेरिफाइड अकाउंट से आई है या नहीं।
- फैक्ट-चेक करें – फैक्ट-चेक करने वाली वेबसाइट पर जाकर खबर की सच्चाई पता करें।
- कानूनी डर और डेडलाइन से सावधान रहें – अगर मैसेज में कानूनी परिणाम या “कल से लागू” जैसी डेडलाइन दी हो, तो समझ लें यह झूठा है।
- Privacy Settings अपडेट रखें – अपनी Facebook Privacy Settings में जाकर तय करें कि आपकी फोटो, पोस्ट और जानकारी कौन देख सकता है।
- शेयर करने से पहले सोचें – कोई भी मैसेज तब तक शेयर न करें जब तक उसकी सच्चाई पक्की न हो जाए, वरना आप भी अफवाह फैलाने में शामिल हो जाएंगे।
लोग क्यों फंस जाते हैं ऐसे मैसेज में?
सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहें इसलिए तेजी से फैलती हैं क्योंकि लोग बिना जांच-पड़ताल किए डर या जल्दबाजी में शेयर कर देते हैं।
- कानूनी शब्दों और “कल से लागू” जैसी डेडलाइन जोड़कर इसे असली जैसा बनाया जाता है।
- पुराने डरावने मैसेज को नए शब्दों में पेश करके बार-बार शेयर किया जाता है।
- जो लोग तकनीकी या प्राइवेसी पॉलिसी की जानकारी कम रखते हैं, वे जल्दी विश्वास कर लेते हैं।
Facebook या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पॉलिसी सिर्फ उनके आधिकारिक नोटिस से बदलती है, किसी वायरल पोस्ट से नहीं। ऐसे मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें और बिना सोचे-समझे शेयर भी न करें। आपकी प्राइवेसी आपके हाथ में है, इसलिए सही सेटिंग्स का इस्तेमाल करें और हमेशा भरोसेमंद स्रोत से ही जानकारी लें। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।