छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के फर्जी स्थानांतरण आदेश का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसे लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने पूरी तरह खारिज करते हुए फर्जी करार दिया है। इस मामले में प्रदेश के 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। DPI की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।
जांच में यह बात सामने आई है कि इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक लेटरहेड का बेजा इस्तेमाल किया गया था। इतना ही नहीं, आदेश को असली दिखाने के लिए विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और फर्जी हस्ताक्षर का भी धड़ल्ले से दुरुपयोग किया गया। यह फर्जी आदेश 6 अगस्त 2026 की तारीख और आदेश क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3 के साथ जारी किया गया था, जिसमें 19 शिक्षकों और व्याख्याताओं के तबादले दिखाए गए थे।
विभाग ने अब इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। DPI ने स्पष्ट कर दिया है कि इस फर्जी स्थानांतरण खेल में जिन-जिन शासकीय सेवकों की संलिप्तता या भूमिका सामने आएगी, उन सभी पर विभाग कड़ी नजर रखते हुए नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।



