राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 16 फरवरी से शुरू तो हो गई है, लेकिन पोर्टल की तकनीकी खामियों ने अभिभावकों की रातों की नींद उड़ा दी है। राजनांदगांव जिले के च्वाइस सेंटरों पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे पालकों को तब मायूसी हाथ लग रही है जब पोर्टल खोलने पर न तो स्कूलों के नाम प्रदर्शित हो रहे हैं और न ही रिक्त सीटों की जानकारी मिल पा रही है।
इस बार आरटीई के नियमों और सीटों की संख्या में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। जहाँ पिछले साल प्रदेश भर में 44,173 सीटों पर भर्ती हुई थी, वहीं इस बार यह संख्या घटकर मात्र 19,466 रह गई है। यानी 24,707 सीटों की भारी कटौती का सीधा असर अब जिले के बच्चों के दाखिले पर पड़ेगा। इसके अलावा, अब नर्सरी और केजी के बजाय केवल कक्षा पहली में ही प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए आयु सीमा 5 से 6.5 वर्ष तय की गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि पोर्टल में अपडेशन कार्य अधूरा होने के कारण ये दिक्कतें आ रही हैं, जिसे जल्द ही दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है। वर्तमान शेड्यूल के अनुसार, पहले चरण के लिए 31 मार्च तक आवेदन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चलेगी, जिसकी लॉटरी 13 से 17 अप्रैल के बीच निकाली जाएगी।

