आदिवासी संस्कृति की धड़कन: मांदर की थाप और परंपराओं का संगम
रायपुर, 16 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संस्कृति विभाग द्वारा राज्यभर में आयोजित किए जा रहे चार चरणों के विशेष कार्यक्रमों के तहत, द्वितीय चरण का आगाज 19 जनवरी से होने जा रहा है, जो 26 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों, विशेषकर युवाओं में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।
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इस उत्सव का सबसे गौरवमयी स्वरूप 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर देखने को मिलेगा। राजधानी रायपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे। गणतंत्र दिवस के दिन राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों सहित ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जाएगा।
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इन कार्यक्रमों में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
19 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस सप्ताह के दौरान राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में हलचल तेज रहेगी। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के कैडेट्स की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् पर आधारित संगीतमय प्रस्तुतियां, विशेष सभाएं, निबंध लेखन, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही चित्रकला और रंगोली के माध्यम से भी राष्ट्रभक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। आम जनता को जोड़ने के लिए राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर देशभक्ति गीतों की धुनें बिखेरी जाएंगी।
तकनीक और जनभागीदारी को जोड़ते हुए शासन द्वारा प्रदेश में ऑडियो-वीडियो बूथ भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन बूथों पर नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर सकेंगे और उसे सीधे अभियान के अधिकृत पोर्टल पर अपलोड कर पाएंगे। पोर्टल पर लोगों की सुविधा के लिए पहले से रिकॉर्ड की गई धुनें भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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उल्लेखनीय है कि इस अभियान का प्रथम चरण नवंबर 2025 में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। द्वितीय चरण के बाद, आगामी 7 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के साथ तीसरा चरण और अंत में 1 से 7 नवंबर 2026 तक चतुर्थ चरण का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह पूरा आयोजन ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।
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