छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावर लगाने के लिए अब पंचायतों और निकायों की NOC की जरूरत खत्म
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अरपा भैंसाझार परियोजना में हुई धांधली को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन में आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन में मुआवजा भुगतान और भूमि के वर्गीकरण को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी पूरी जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंप दी गई है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस मामले में भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिलने पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के केंद्र में मुख्य रूप से वह प्रक्रिया है जिसके तहत भूमि का गलत वर्गीकरण कर अपात्र लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को करोड़ों की क्षति पहुंचाई गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि EOW की जांच अब तेज़ कर दी गई है और इस घोटाले में संलिप्त अधिकारियों व अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व विभाग के इस खुलासे के बाद अब दोषियों की गिरफ्तारी और रिकवरी की प्रक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
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