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रायपुर // छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ राज्य के 10,538 मर्ज स्कूलों को इस साल की सालाना अनुदान राशि अब तक नहीं मिल पाई है। इस देरी की वजह से प्रदेश भर की शालाओं के संचालन में भारी आर्थिक दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने इस मुद्दे पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा है और रोकी गई अनुदान राशि अविलंब जारी करने की पुरजोर मांग की है।
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छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू, शिवकुमार साहू और प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर सहित संगठन के दर्जनों पदाधिकारियों ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर अपनी चिंता साझा की है। पदाधिकारियों का कहना है कि अनुदान राशि न मिलने से स्कूलों की रंगाई-पुताई, भवनों का रखरखाव और मरम्मत जैसे अनिवार्य कार्य पूरी तरह रुक गए हैं। इतना ही नहीं, स्कूलों में जरूरी स्टेशनरी सामग्री की खरीदी के लिए भी शिक्षकों के पास मद उपलब्ध नहीं है, जिससे दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा आ रही है।
संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों—भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, हरिशंकर पटेल और अन्य सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि राशि और बजट के अभाव में स्कूल प्रबंधन लाचार महसूस कर रहा है। संगठन ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि यह राशि जल्द से जल्द प्रदान नहीं की गई, तो स्कूलों की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए यह जरूरी फंड तुरंत जारी किया जाता है या नहीं।
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