रायपुर, 10 फरवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान आज एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में आयोजित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत प्रदेश भर के 6,412 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस विशाल आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जो सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल पेश करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन केवल एक विवाह समारोह नहीं है, बल्कि ‘सर्वधर्म समभाव’ और सामाजिक एकता का उत्सव है, जहाँ विभिन्न धर्मों और जनजातीय समुदायों के जोड़े एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं।

गरीब परिवारों की चिंता का समाधान:
श्री साय ने भावुक होते हुए कहा कि एक समय था जब गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह एक बड़ी आर्थिक चिंता और बोझ का विषय होता था। सरकार की इस योजना ने उस चिंता को अब सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद देते हुए बताया कि प्रत्येक दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
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कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक जंग:
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का भी आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि इसमें पूरे समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बस्तर और सरगुजा संभाग से इस बदलाव की शुरुआत करने की घोषणा की।
‘मोदी की गारंटी’ और विकास का संकल्प:
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने राज्य सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है, जिसमें महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को आर्थिक मजबूती देना और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की रक्षा करना शामिल है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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विवाह समारोह के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। शुरुआती चरण में इसे सरगुजा और बस्तर संभाग के 8 जिलों में लागू किया गया है।
समाज की सहभागिता से कुपोषण को जड़ से मिटाना। सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा शुरू की गई इस योजना को वर्तमान सरकार नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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