नई दिल्ली | शनिवार, 7 मार्च 2026
देशभर में आज सुबह आम जनता की रसोई और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में सीधा 60 रुपये का इजाफा किया गया है, जिससे अब यह 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये का हो गया है। इसी तरह मुंबई में नई दर 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये हो गई है। यह संशोधन लगभग एक साल के अंतराल के बाद आया है, क्योंकि दिल्ली में घरेलू गैस की कीमतें अप्रैल 2025 से स्थिर बनी हुई थीं।
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घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों की जेब पर भी बोझ बढ़ा है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज से 115 रुपये की वृद्धि की गई है। दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर 1883 रुपये में मिलेगा, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 1835 रुपये, कोलकाता में 1990 रुपये और चेन्नई में 2043.50 रुपये तक पहुँच गई है। इस बढ़ोतरी से होटल, रेस्तरां और छोटे ढाबा संचालकों की लागत बढ़ना तय है, जिसका असर आम आदमी की थाली पर भी पड़ सकता है।
कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति के रणनीतिक कारण
कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ मुख्य कारण मानी जा रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है। भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब अमेरिका से एलपीजी आयात के अनुबंध किए हैं और रूस से भी कच्चे तेल का आयात जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के कारण कंपनियों ने कीमतों में यह संशोधन किया है।
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सरकार की सख्ती: रिफाइनरियों पर एस्मा लागू
आपूर्ति सुनिश्चित करने और किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) के तहत विशेष निर्देश जारी किए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक और निजी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का अधिकतम उपयोग केवल एलपीजी उत्पादन के लिए करें और इन्हें पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल न करें। साथ ही, रिफाइनरियों को उत्पादित गैस केवल सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को ही देने को कहा गया है ताकि घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहे।
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वासन दिया है कि भारत के पास ऊर्जा का पर्याप्त भंडार है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और वैकल्पिक भौगोलिक क्षेत्रों से आपूर्ति बढ़ाकर किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार है।

