रायपुर | 24 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक निजी अस्पताल के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की दर्दनाक मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस हृदयविदारक घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए रायपुर के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 17 मार्च 2026 की है, जब एक निजी अस्पताल के परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तीन कर्मचारियों को अंदर उतारा गया था। टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस के कारण तीनों सफाईकर्मियों का दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और निजी ठेकेदार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सफाईकर्मियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण, जैसे मास्क या ऑक्सीजन सिलेंडर के, मौत के उस गहरे गड्ढे में उतार दिया गया था।
मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि यदि यह खबरें सही हैं, तो यह सीधे तौर पर उन लोगों के जीने के अधिकार का हनन है जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या जांच हुई है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई है। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट और रायपुर एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो सप्ताह के भीतर इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।
इस रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ यह भी बताना होगा कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और पीड़ितों के परिवारों को अब तक क्या सहायता प्रदान की गई है। इस कार्रवाई के बाद अब स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर कानूनी शिकंजा कसने की उम्मीद जताई जा रही है।


