Gold Loan vs Personal Loan: अचानक लाखों रुपये की जरूरत पड़ने पर लोग अक्सर Personal Loan या Gold Loan का विकल्प चुनते हैं। दोनों लोन के अपने फायदे और नुकसान हैं। सबसे बड़ा अंतर ब्याज दर, कुल ब्याज और लोन के बदले रखी जाने वाली सुरक्षा का है। अगर आप भी 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा का लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ EMI देखकर फैसला न करें। लोन की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, अन्य चार्ज और कुल भुगतान को समझना जरूरी है।
₹5 लाख के लोन में कितना होगा अंतर?
मान लीजिए ₹5 लाख का लोन 3 साल यानी 36 महीने के लिए लिया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर Personal Loan की ब्याज दर 12% और Gold Loan की प्रभावी ब्याज दर 9.95% हो, तो दोनों की EMI में अंतर दिखाई देता है।
12% ब्याज पर ₹5 लाख के Personal Loan की EMI करीब ₹16,607 होगी। 36 महीने में कुल भुगतान लगभग ₹5.98 लाख होगा। इसमें करीब ₹97,850 ब्याज शामिल होगा।
वहीं 9.95% की दर पर ₹5 लाख के Gold Loan की EMI लगभग ₹16,122 बैठेगी। तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹5.80 लाख होगा और ब्याज लगभग ₹80,387 रहेगा।
इस उदाहरण में Gold Loan की EMI करीब ₹485 प्रति माह कम है। तीन साल में ब्याज के हिसाब से करीब ₹17,500 की बचत हो सकती है।
Gold Loan क्यों सस्ता पड़ सकता है?
Gold Loan एक Secured Loan होता है। इसमें ग्राहक अपने सोने के गहने या अन्य पात्र सोना लोनदाता के पास गिरवी रखता है। बैंक या वित्तीय संस्था के पास सुरक्षा होने के कारण इसकी ब्याज दर कई मामलों में Personal Loan से कम हो सकती है।
हालांकि, Gold Loan की वास्तविक लागत सिर्फ ब्याज दर से तय नहीं होती। प्रोसेसिंग फीस, वैल्यूएशन चार्ज, अन्य शुल्क और लोन की शर्तों को भी देखना जरूरी है।
Personal Loan में क्या फायदा?
Personal Loan में आमतौर पर आपको अपना सोना या कोई संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। यह आपकी आय, क्रेडिट स्कोर, क्रेडिट हिस्ट्री और रीपेमेंट क्षमता के आधार पर दिया जाता है।
अगर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है, तो बैंक आपको बेहतर ब्याज दर का ऑफर दे सकता है। ऐसे में Personal Loan और Gold Loan के बीच का लागत अंतर काफी कम हो सकता है।
Gold Loan में सबसे बड़ा जोखिम
Gold Loan लेते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके गहने लोनदाता के पास गिरवी रहते हैं। अगर लोन की रकम समय पर नहीं चुकाई जाती, तो लोन एग्रीमेंट और लागू नियमों के अनुसार गिरवी रखे सोने पर कार्रवाई हो सकती है।
इसलिए सिर्फ कम ब्याज देखकर Gold Loan लेना सही नहीं है। यह भी देखना चाहिए कि आप समय पर EMI और बकाया रकम चुका पाएंगे या नहीं।
सिर्फ कम EMI देखकर फैसला न करें
लोन लेने से पहले ब्याज दर के साथ कुल भुगतान, प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज और दूसरे शुल्क जरूर जांचें।
साथ ही, बैंक की विज्ञापित शुरुआती ब्याज दर हर ग्राहक को मिले, यह जरूरी नहीं है। आपकी वास्तविक ब्याज दर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और बैंक की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है।
Gold Loan या Personal Loan, किसे चुनें?
अगर आपके पास पर्याप्त सोना है और उसे गिरवी रखने में कोई परेशानी नहीं है, तो कम ब्याज दर मिलने की स्थिति में Gold Loan की कुल लागत कम हो सकती है।
वहीं, अगर आप सोना गिरवी नहीं रखना चाहते हैं और आपकी आय व क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है, तो Personal Loan सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
इसलिए लाखों रुपये का लोन लेने से पहले दोनों विकल्पों की EMI, ब्याज, सभी शुल्क और जोखिम की तुलना करें। सिर्फ कम EMI या कम ब्याज दर देखकर फैसला करने के बजाय पूरे लोन की कुल लागत को समझना ज्यादा जरूरी है।


