नई दिल्ली | 05 मार्च, 2026
देशभर में संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) आम नागरिकों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। हाल ही में विभिन्न राज्यों में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविरों के दौरान लाभार्थियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे इन केंद्रों ने उनके स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले भारी खर्च को कम करने में मदद की है।
महंगी दवाओं के बोझ से मिली मुक्ति
दिल्ली के आदर्श नगर निवासी सुनील भादवा ने बताया कि सात साल पहले कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने के बाद उनके लिए इलाज का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। उन्होंने साझा किया कि जनऔषधि की सस्ती दवाओं ने उनके चिकित्सा खर्चों को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
इसी तरह, जामिया नगर के अब्दुल रईस ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि बाजार की महंगी ब्रांडेड दवाओं की तुलना में जनऔषधि केंद्रों पर वही दवाइयां बेहद कम दामों पर उपलब्ध हैं। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए आवासीय क्षेत्रों के पास इन केंद्रों की उपलब्धता को एक बड़ा वरदान बताया। वहीं, शकील अहमद ने शिविर में अपनी जांच कराते हुए अनुभव साझा किया कि वे पिछले तीन वर्षों से इन केंद्रों से दवाएं ले रहे हैं, जो न केवल सस्ती हैं बल्कि पूरी तरह असरदार भी हैं।
तकनीक और विस्तार पर जोर
तमिलनाडु के कृष्णागिरी और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जैसे स्थानों पर आयोजित शिविरों में लोगों को ‘जनऔषधि सुगम’ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस ऐप की मदद से नागरिक अपने निकटतम जनऔषधि केंद्र का आसानी से पता लगा सकते हैं। वर्तमान में देश भर में 18,000 से अधिक केंद्र कार्यरत हैं, और सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 25,000 करने का है, ताकि सस्ती दवाओं की पहुंच अंतिम छोर तक सुनिश्चित हो सके।
50 से 80 प्रतिशत तक की बचत
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक पैसों की कमी के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
सरकार इस योजना के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। जो भी उद्यमी, फार्मासिस्ट या डॉक्टर अपना स्वयं का जनऔषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट (www.janaushadhi.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। इस पहल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाते हैं।

