छत्तीसगढ़ में रचा गया इतिहास: एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह, बना ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’
जशपुर में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव की भव्यता
जशपुरनगर के श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन सोमवार को भक्ति और आनंद का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
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वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान की बारात का प्रसंग आया, पूरा पंडाल ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा।
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इस अवसर पर भव्य झांकियों के माध्यम से श्रीकृष्ण की बारात के आगमन और विवाह मंडप का सजीव मंचन किया गया। बच्चों और कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इन झांकियों ने अपनी आकर्षक वेशभूषा और जीवंत अभिनय से सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य जजमान श्री कमल कांत वर्मा (पप्पू) एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अंशु वर्मा ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कर धर्म लाभ लिया।
विवाह उत्सव की खुशी में पंडाल के भीतर भक्तिमय वातावरण के बीच गरबा और डांडिया नृत्य का भी आयोजन हुआ। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों ने “आज मेरे श्याम की शादी है” जैसे भजनों पर जमकर नृत्य किया, जिससे पूरा आयोजन एक सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील हो गया। कथा के अंत में भव्य आरती की गई और सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा उपस्थित जनसमूह के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
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