जशपुर। जिले में जारी धान खरीदी को लेकर जशपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक यू.डी. मिंज ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दुलदुला और कस्तूरा धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर किसानों की परेशानियों का प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन किया और राज्य सरकार व प्रशासन पर “किसान विरोधी नीति” अपनाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने घोषित किए नए ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष यूडी मिंज ने दी बधाई
यू.डी. मिंज ने कहा कि धान खरीदी की गति बेहद धीमी है और प्रशासनिक नियमों के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दैनिक खरीदी सीमा को पहले की तुलना में महज 40% कर देने से खरीदी की रफ्तार कमजोर हो गई है। इसके साथ ही किसानों में जल्द टोकन कटवाने की घबराहट पैदा की गई, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों ने जीरो टोकन कटवा लिए। बाद में इन टोकनों में संशोधन संभव नहीं होने से किसान असमंजस में हैं।
रकबा कटौती और टोकन व्यवस्था पर सवाल
मिंज ने दावा किया कि एग्रीस्टैक के नाम पर किसानों का रकबा कम कर दिया गया है, जिसे सुधारने के लिए किसान तहसील और समितियों के चक्कर काट रहे हैं, पर समाधान नहीं मिल रहा।
जशपुर जिले के सभी ब्लॉकों में नए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त
उन्होंने बताया कि जनवरी से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बंद कर दी गई है और अब भौतिक सत्यापन के बाद ही टोकन कट रहा है — जो इस समय में अव्यावहारिक साबित हो रहा है।
एक जिला, दो तरह की पुलिसिंग? यह सुधार नहीं, प्रशासनिक उलझन है : कांग्रेस
50% किसान अब तक बिना खरीदी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि खरीदी सीजन खत्म होने में अब मात्र 13 दिन बचे हैं लेकिन जिले के लगभग 50% किसान अब भी अपनी उपज बेच नहीं पाए हैं। प्रत्येक केंद्र में सिर्फ एक नोडल अधिकारी नियुक्त है, जिससे समय पर सत्यापन असंभव है।
कस्तूरा व दुलदुला केंद्रों की स्थिति चिंताजनक
निरीक्षण के दौरान मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
कस्तूरा केंद्र में पंजीकृत 949 किसानों में से केवल 280 किसानों का धान खरीदा गया है।
दुलदुला केंद्र में अब भी लगभग 800 किसानों का धान खरीदी से बाहर है।
मिंज ने सवाल किया कि “जब इतने किसान बचे हैं तो आने वाले 13 दिनों में खरीदी कैसे संभव है?” उन्होंने इसे किसानों के साथ छलावा करार दिया।
समय सीमा बढ़ाने और अतिरिक्त अधिकारियों की मांग
मिंज ने स्पष्ट कहा:“जिले का आधा किसान अभी भी अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहा है। यदि समय पर सत्यापन व टोकन की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान खुद को ठगा हुआ महसूस करेगा।”
जशपुर में स्वामी आत्मानंद भर्ती छह महीने से अटकी: यू डी मिंज का आरोप
उन्होंने प्रशासन से धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने और अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की मांग की ताकि किसी किसान का धान बचने न पाए।इस निरीक्षण के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव, बबलू दीवान, शेखर यादव, मोनू अग्रवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

