रायपुर:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जशपुर जिले के विकास और ग्रामीण बुनियादी मुद्दा प्रमुखता से गूंजा। विधायक श्रीमती गोमती साय के सवालों के केंद्र में जहां एक ओर सड़कों की खराब स्थिति और अधूरे निर्माण कार्य रहे, वहीं दूसरी ओर ‘बिहान’ योजना के तहत महिला सशक्तिकरण की प्रगति पर भी सरकार ने अपना पक्ष रखा।
ग्रामीण सड़कों का मुद्दा: 63 सड़कों के मेंटेनेंस पर सरकार का जवाब
जशपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली ग्रामीण सड़कों के रखरखाव को लेकर सदन में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सरकार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले की 63 सड़कों के संधारण (रखरखाव) का कार्य किया गया है।
हालांकि, सड़कों की गुणवत्ता पर अक्सर उठने वाले सवालों के बीच विभाग ने स्पष्ट किया कि इन 63 सड़कों के कार्यों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसी आधार पर सरकार ने इन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण मानते हुए किसी भी प्रकार की विशेष जांच से इनकार कर दिया है।
विकास कार्यों की सुस्त चाल और गुणवत्ता पर घेरा
विधायक गोमती साय ने विधानसभा प्रश्न संख्या 637 के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जमीनी हकीकत पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत कार्यों में से कितने पूर्ण हुए और कितने अब भी अधूरे हैं।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विधानसभा में सवाल: विधायक गोमती साय ने सरकार से मांगा जवाब
श्रीमती साय ने उन कार्यों की ओर विशेष ध्यान आकर्षित किया जिन्हें कागजों पर ‘पूर्ण’ घोषित कर दिया गया है, लेकिन वे वर्तमान में जर्जर या खराब स्थिति में हैं। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब तक की गई दंडात्मक कार्रवाई का विवरण भी मांगा। उपमुख्यमंत्री (गृह) श्री विजय शर्मा ने इन सवालों का लिखित उत्तर सदन के पटल पर रखा।
‘बिहान’ योजना: 1.35 लाख महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी
जशपुर जिले से जुड़ी एक सकारात्मक तस्वीर भी सदन में पेश की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले में 1.35 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि- जिले में वर्तमान में 12,103 महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत 71.82 करोड़ रुपये में से 63.60 करोड़ रुपये विकास कार्यों और समूहों की सहायता पर खर्च किए गए हैं। हैरानी की बात यह रही कि इस योजना के तहत पुरुषों के समूहों की संख्या शून्य है, जो इसके पूर्णतः महिला केंद्रित होने की पुष्टि करता है।
जशपुर: बिहान योजना से जुड़ी 1.35 लाख महिलाएं, बीते 3 वर्षों में खर्च हुए 63 करोड़ से अधिक
सबसे राहत की बात यह रही कि इस मिशन में अब तक भ्रष्टाचार या अनियमितता की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
विधानसभा में जशपुर के इन मुद्दों के उठने से एक ओर जहां ‘बिहान’ जैसी योजनाओं की पारदर्शिता सामने आई है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्यों और सड़कों की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि विधायक द्वारा उठाए गए सवालों के बाद जर्जर सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों की स्थिति में कितनी तेजी से सुधार आता है।
विधायक गोमती साय ने विधानसभा में जशपुर जिले की सड़कों के निर्माण और मरम्मत का सवाल उठाया

