जशपुर
छत्तीसगढ़ का हिल स्टेशन मैनपाट और जशपुर इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं। तापमान लगभग शून्य डिग्री तक पहुंच चुका है और साल 2025 -26 में बीते करीब पंद्रह दिनों से ठंड ने एक जैसी लय बना रखी है। सुबह और रात के समय कनकनी इतनी तेज है कि बिना ऊनी कपड़ों के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।लोग दिन में भी आग तपा रहे है, सिर से टोपी मफलर और जैकेट रात में कम्बल रजाई के बिना कोई उपाय नहीं है.
ठंड को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया मिली जुली है। नई पीढ़ी के युवाओं और पर्यटकों के लिए यह मौसम खासा आकर्षण बन गया है। वे ठंड को एन्जॉय कर रहे हैं अलाव के पास बैठना पहाड़ी इलाकों में घूमना और कोहरे के बीच फोटो वीडियो बनाना उनके लिए यादगार अनुभव बन रहा है। वहीं दूसरी ओर बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह ठंड कष्टदायक साबित हो रही है। ठंडी हवा और लगातार गिरते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने लगी हैं।
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मैनपाट, पंडरा पाठ,सामरी पाठ, जशपुर मनोरा, कुसमी सन्ना और आसपास के पठारी इलाकों में समुद्र तल से 3200 से 3600 फीट की ऊंचाई के कारण ठंडी हवा का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। जंगलों की कमी के चलते तेज हवा सीधे घरों और सड़कों तक पहुंच रही है जिससे ठंड की कनकनी और बढ़ गई है।
इस दौर में सोशल मीडिया ने ठंड को चर्चा का विषय बना दिया है। फेसबुक इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर मैनपाट और जशपुर की ठंड से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। गांव देहात और पाठ क्षेत्रों से लेकर शहरों तक की जानकारी पल भर में लोगों तक पहुंच रही है।
सोशल मीडिया के असर का नतीजा यह है कि अब ठंड का मजा लेने के लिए दूर दूर से लोग मैनपाट और जशपुर पहुंच रहे हैं। रायपुर बिलासपुर झारसुगड़ा जांजगीर दुर्ग कोरबा जैसे अपेक्षाकृत गर्म इलाकों के साथ साथ बड़े शहरों से भी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। लोग पहाड़ी ठंड को नजदीक से महसूस करने और सर्द मौसम का आनंद लेने आ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ठंड सीमित दायरे में ही महसूस होती थी लेकिन अब सोशल मीडिया के कारण मैनपाट और जशपुर की पहचान एक ठंडे पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से फैल रही है। इससे एक ओर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है तो दूसरी ओर ठंड से जूझ रहे बुजुर्गों और ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ी है।
मैनपाट और जशपुर की यह ठंड अब सिर्फ मौसम नहीं रही बल्कि अनुभव बन गई है। किसी के लिए यह सुकून और रोमांच है तो किसी के लिए यह कठिन परीक्षा बनती जा रही है।

