खेल-खेल में गणित: जशपुर के मनोरा ब्ल
मनोरा (जशपुर): अब बच्चों को गणित का डर सताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कंकड़-पत्थर, तीलियों और आसपास मिलने वाली स्थानीय सामग्रियों से गणित को बेहद आसान और मजेदार बना दिया गया है। हाल ही में विकासखंड मनोरा के विभिन्न संकुलों (बहेरना, सोगड़ा, सरडीह, खरसोता और मनोरा) में जोन-स्तरीय प्राथमिक शाला शिक्षकों की अकादमिक बैठक व प्रशिक्षण सह-कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में गणितीय संक्रियाओं की अवधारणा को खेल-खेल में और सरल तरीके से स्पष्ट करना था।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ
- स्थानीय संसाधनों का उपयोग: बच्चों को किताबी दुनिया से बाहर निकालकर कंकड़, पत्थर, तीली के बंडलों और परिवेश की ठोस वस्तुओं के माध्यम से संख्या ज्ञान और गणितीय संक्रियाएँ सिखाने पर विशेष जोर दिया गया।
- ईएलपीएस (ELPS) पद्धति: अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि बच्चों को सिखाने के लिए ठोस वस्तुओं (Experience) से शुरुआत कर, क्रमशः चित्रों और प्रतीकों की ओर बढ़ना चाहिए।
- शिक्षकों का व्यावहारिक अभ्यास: कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को समूहों में बांटकर कक्षा 1 से 4 तक के पेडागोजी नोट्स पर लाइव डेमो कराए गए, जिससे शिक्षकों ने एक-दूसरे से नए तौर-तरीके सीखे।
- दैनिक जीवन से जुड़ाव: फाउंडेशन के जानकारों का मानना है कि गणित को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़कर पढ़ाने पर उनकी समझ और अधिक गहरी होती है।
अधिकारियों की मौजूदगी और सहयोग
बहेरना जोन के प्रशिक्षण में विकासखंड स्रोत समन्वयक आशुतोष शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने शिक्षकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि “संकुल बैठकों में सीखी गई अकादमिक गतिविधियों का उपयोग नियमित रूप से कक्षाओं में होना चाहिए, तभी असली बदलाव दिखेगा।”
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन (मुकेश, नीलाभ्र, सुरेश तिर्की) के साथ-साथ ब्लॉक के मास्टर ट्रेनर्स, संकुल समन्वयकों (उपेंद्र कुमार पंकज, जेपी यादव सहित अन्य) और सभी प्राथमिक शाला शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।
बच्चों में संख्या प्रतीकों की समझ को पुख्ता करने के लिए शिक्षकों ने खुद ग्रुप एक्टिविटी कर अपने-अपने मॉडल और प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए, जिसे आने वाले दिनों में स्कूलों की कक्षाओं में लागू किया जाएगा।


