चैत्र मास 2026: हिंदू नववर्ष का हुआ आगाज, जानिए इस पवित्र महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार और विशेष महत्व

जल संकट आज के समय की एक गंभीर जलवायु चुनौती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने यह साबित कर दिया है कि बड़े बांधों और भारी मशीनरी के बिना भी जल सुरक्षा संभव है। जिले ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ की भावना को अपनाते हुए एक क्रांतिकारी ‘5% मॉडल’ पेश किया है, जिसने एक जल-कमी वाले क्षेत्र को जल-समृद्ध क्षेत्र में बदल दिया है।

कोरिया जिले ने ‘आवा पानी झोकी’ आंदोलन के तहत एक सरल लेकिन प्रभावशाली रणनीति अपनाई है। इसके तहत किसान स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि का 5 प्रतिशत हिस्सा छोटे पुनर्भरण तालाबों और सीढ़ीदार गड्ढों के निर्माण के लिए समर्पित करते हैं। यह मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि मानसून की हर बूंद को संरक्षित और अवशोषित किया जाए। इससे मृदा अपरदन में भारी कमी आई है और सूखे के दौरान फसलों में नमी का स्तर बेहतर हुआ है। अब तक 1,260 से अधिक किसानों ने इस प्रणाली को अपनाया है और जिले में 2,000 से अधिक सोख गड्ढे बनाए गए हैं।

पर्दे के पीछे से सत्ता के शीर्ष तक: कौन हैं ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई?

इस आंदोलन को जन भागीदारी ने एक नई ऊर्जा दी है। महिलाओं ने ‘नीर नायिका’ बनकर न केवल जल संरक्षण के गड्ढे बनवाने में अग्रणी भूमिका निभाई, बल्कि पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से जागरूकता भी फैलाई। वहीं, युवा ‘जल दूतों’ के रूप में सामने आए, जिन्होंने नालियों का मानचित्रण किया, नहरों से गाद निकाली और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना के 500 से अधिक लाभार्थियों ने भी अपने घरों के पास जल संरक्षण के गड्ढे बनवाकर इस पहल को एक साझा सामुदायिक जिम्मेदारी में बदल दिया है।

युवा संगम का छठा चरण: युवाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत मिलेगा देश भ्रमण का मौका

जिला प्रशासन ने सूक्ष्म जलसंभर मानचित्रण और जलभूवैज्ञानिक आकलन के जरिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे प्रत्येक संरचना का अधिकतम लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ। इस पहल के परिणाम स्पष्ट हैं। कई गांवों में भूजल स्तर 3 से 4 मीटर तक बढ़ गया है और 17 दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में सूख चुके झरने फिर से जीवंत हो उठे हैं। इसके साथ ही कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है और आजीविका के साधन स्थिर होने से मौसमी पलायन में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई है। आज कोरिया जिले का यह मॉडल पूरे भारत के लिए एक अनुकरणीय प्रारूप है, जो यह दर्शाता है कि जब समुदाय अपनी जमीन का मात्र 5 प्रतिशत हिस्सा देकर जल संरक्षण की पहल करते हैं, तो वे अपने जल भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित कर सकते हैं।

एआई क्रांति: वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार हो रही है भारत की नई खेप

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version