स्पेशल डेस्क, Cg Now रायपुर/जशपुर: देश का इंतजार खत्म करते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल के तट पर अपनी आधिकारिक दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस बार मानसून अपने तय समय से तीन दिन की देरी से भारत पहुंचा है। इस देरी की वजह से पिछले एक हफ्ते (28 मई से 3 जून) के दौरान देश में सामान्य से 10% कम बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के लिए राहत की बात यह है कि बीते दिनों यहां सामान्य से 26% अधिक प्री-मानसून बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों में मानसून कर्नाटक और गोवा होते हुए आगे बढ़ेगा, जिससे छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
आइए जानते हैं, मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ और देश के अन्य राज्यों में गर्मी और बारिश की क्या स्थिति रहेगी:
छत्तीसगढ़ विशेष: अगले दो हफ्तों का मौसम पूर्वानुमान
छत्तीसगढ़ और उसके सीमावर्ती इलाकों के लिए IMD ने अगले दो हफ्तों (4 जून से 17 जून) को लेकर स्थिति साफ कर दी है। राज्य में बारिश और तापमान का पूरा गणित इस प्रकार रहेगा:
1. पहला हफ्ता (4 से 10 जून): आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश
- मौसम का मिजाज: इस हफ्ते छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में हवा के चक्रवाती घेरे (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से मौसम बदला रहेगा।
- बारिश और आंधी: छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों (विशेषकर जशपुर सहित उत्तरी और मध्य क्षेत्रों) में गरज-चमक और तेज अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
- तापमान: इस दौरान अधिकतम तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है, जिससे उमस तो बढ़ेगी लेकिन चिलचिलाती धूप से राहत रहेगी।
2. दूसरा हफ्ता (11 से 17 जून): मानसून की प्रगति और लू से पूरी राहत
- लू से मुक्ति: दूसरे सप्ताह में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को लू (Heatwave) से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
- गर्मी का असर: हालांकि लू नहीं चलेगी, लेकिन दिन का तापमान सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है, जिससे भीषण गर्मी और उमस का अहसास बना रहेगा।
- अनुकूल परिस्थितियां: 11 से 17 जून के बीच मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को पार करते हुए छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी।
देश के अन्य हिस्सों का हाल: कहां बरसेगा पानी, कहां तपेगा सूरज?
IMD ने देश के अन्य राज्यों के लिए भी विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है:
कड़ाके की गर्मी और लू का अलर्ट (4 से 10 जून)
- उत्तर प्रदेश और बिहार: बिहार में 6 से 8 जून, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जून के बीच भारी लू (Heatwave) चलने की चेतावनी दी गई है।
- ओडिशा और आंध्र प्रदेश: ओडिशा में 4 से 8 जून तक और तटीय आंध्र प्रदेश में 4-5 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहेगा।
भारी बारिश का अलर्ट (4 से 10 जून)
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट है।
- दक्षिण और पश्चिम भारत: केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, कोंकण और गोवा में 40-60 किमी घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
- ओलावृष्टि (Hailstorm): 5 जून तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम में इस बदलाव की क्या है मुख्य वजह?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय आसमान में एक साथ कई सिस्टम एक्टिव हैं:
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास निचले क्षोभमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
- चक्रवाती हवाओं का घेरा: मध्य पाकिस्तान, उत्तरी हरियाणा, मध्य उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर हवा का चक्रवाती घुमाव बना हुआ है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ और आसपास के मैदानी इलाकों में नमी आ रही है।
- नमी से भरी हवाएं: बंगाल की खाड़ी से आ रही दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगातार मैदानी और पूर्वोत्तर राज्यों में नमी की सप्लाई कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और बेहतर होगी।
किसान भाई और नागरिक मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपनी फसलों और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।मौसम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और सटीक अपडेट के लिए जुड़े रहिए Cg Now के साथ।

