रायपुर: छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर विधानसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्थिति स्पष्ट की है। विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा के सवालों का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि योजना की शुरुआत से लेकर अब तक लाभार्थियों की संख्या में बड़ा फेरबदल हुआ है। मार्च 2024 में जब इस योजना की पहली किस्त जारी की गई थी, तब प्रदेश भर में 70,09,658 पात्र महिलाओं को भुगतान के लिए अनुमोदित किया गया था, लेकिन 15 फरवरी 2026 की स्थिति में अब लाभ पाने वाली महिलाओं की कुल संख्या घटकर 69,08,878 रह गई है।
कटक के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में भीषण आग: 10 मरीजों की दर्दनाक मौत, सरकार ने किया 25 लाख के मुआवजे का ऐलान
इस गिरावट का मुख्य कारण प्रदेश भर में बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम का सूची से काटा जाना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहली किस्त के बाद से अब तक कुल 1,08,571 हितग्राहियों को लाभ सूची से बाहर किया गया है। इनमें सबसे बड़ा कारण 85,990 महिलाओं की मृत्यु होना रहा है। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान 21,554 महिलाएं ऐसी पाई गईं जो या तो अपात्र थीं या जिनके दोहरे आवेदन के प्रकरण सामने आए थे। वहीं, प्रदेश की 784 महिलाओं ने स्वेच्छा से इस योजना का लाभ छोड़ दिया है, जिसके कारण उन्हें सूची से पृथक कर दिया गया है।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात हुआ भारी कार्यबल, जशपुर सबसे आगे
दूसरी ओर, राहत की खबर केवल ‘नयदे नेल्लानार कैंप’ क्षेत्र से आई है, जहां सर्वे के दौरान छूटी हुई 7,781 पात्र महिलाओं के नाम इस अवधि में नई सूची में जोड़े गए हैं। हालांकि, प्रदेश की अन्य वंचित महिलाओं के लिए फिलहाल कोई अच्छी खबर नहीं है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 फरवरी 2026 तक की स्थिति में वंचित महिलाओं की कुल संख्या बताना संभव नहीं है और वर्तमान में नए हितग्राहियों के पंजीकरण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इस कारण नए आवेदनों के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की जा सकी है।
किशोर न्याय बोर्डों ने 2 साल में सुलझाए 13 हजार से अधिक मामले

