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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नारी शक्ति के गौरव और सम्मान का केंद्र बनने जा रही है। लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के ऐतिहासिक क्रियान्वयन से पहले भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल बना रही है। इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण आयोजन 15 अप्रैल को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में निर्धारित किया गया है, जो देश के उन 15 प्रमुख स्थानों में शामिल है जहाँ इस अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है। कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि 11 से 16 अप्रैल के मध्य संभाग स्तर पर नारी शक्ति सम्मेलनों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन सम्मेलनों में महिला आयोग के साथ-साथ अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
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इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए 15 और 16 अप्रैल को भव्य ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ निकाली जाएगी। खास बात यह है कि इन पदयात्राओं का नेतृत्व समाज की प्रतिष्ठित महिला हस्तियों और सेलिब्रिटीज द्वारा किया जाएगा, जबकि भाजपा की महिला सांसद, विधायक और पदाधिकारी इनके प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अतिरिक्त, महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल बाइक रैली का भी आयोजन किया जाएगा, जो नारी शक्ति के आधुनिक और ऊर्जावान स्वरूप को प्रदर्शित करेगी।
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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पांडेय ने इस अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लंबे समय तक राजनीतिक दलों ने महिलाओं को केवल एक ‘वोट बैंक’ की दृष्टि से देखा, लेकिन उनके वास्तविक अधिकारों की हमेशा अनदेखी की गई।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर न केवल आधी आबादी को मुख्यधारा से जोड़ा है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में नारीत्व को वह सम्मान दिया है जिसकी वे हकदार थीं। स्थानीय महिला जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और व्यापक जनभागीदारी के साथ यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला अधिकारों के एक नए युग की उद्घोषणा करने के लिए तैयार है।


