अम्बिकापुर/सरगुजा: सरगुजा के संजय वन वाटिका में सुरक्षा की एक ऐसी चूक सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ तैनात अमले की घोर लापरवाही की वजह से आवारा कुत्तों के एक झुंड ने बाड़े के भीतर घुसकर 15 मासूम हिरणों को मौत के घाट उतार दिया।
घटना 21 मार्च की रात करीब 3 बजे की है, जब पूरा वन विभाग गहरी नींद में सोया हुआ था और शिकारी कुत्ते फेंसिंग के नीचे से रास्ता बनाकर शाकाहारी पशु बाड़े (Herbivore Enclosure) में घुस आए। इन कुत्तों ने 6 कोटरा, 6 चीतल और 2 चौसिंगा को दौड़ा-दौड़ा कर बुरी तरह नोचा और उनकी गर्दन व शरीर पर गहरे जख्म कर दिए, जिससे 14 हिरणों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल चीतल ने अगले दिन इलाज के दौरान दम तोड़ा।
इस दर्दनाक मंजर के बाद जब उच्च अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया, तो कर्मचारियों की भारी लापरवाही उजागर हुई। जाँच में पाया गया कि रात की ड्यूटी पर तैनात चौकीदार लोधे राम और अन्य कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे, जिसकी वजह से कुत्तों को बाड़े में घुसने का मौका मिला। इ
मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य वन संरक्षक और वनमण्डलाधिकारी ने बड़ी गाज गिराई है। ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, प्रतीमा लकड़ा, बिन्दू सिंह और वनरक्षक फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल मृत हिरणों का पोस्टमार्टम कराने के बाद सरकारी गाइडलाइन के तहत उनका दाह संस्कार कर दिया गया है, लेकिन इस घटना ने वन्यजीव सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

