नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों और माल ढुलाई करने वाले ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एनएचएलएमएल ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे सड़क किनारे दी जाने वाली सुविधाओं (Wayside Amenities – WSA) के तहत वाहनों की मरम्मत (रिपेयरिंग) की दुकानें और पंचर सेवाएं जल्द से जल्द स्थापित करें।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य हाईवे पर गाड़ियों के खराब होने की स्थिति में उनके ठीक होने में लगने वाले समय को कम करना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और यात्रियों को तुरंत आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है।
असुविधा और सुरक्षा चिंताओं से मिलेगी मुक्ति अक्सर देखा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर बीच सफर में वाहन खराब होने या टायर पंचर होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ता है। सूने रास्तों पर गाड़ी खराब होने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ जाती हैं। एनएचएआई का मानना है कि इन केंद्रों पर त्वरित तकनीकी सहायता मिलने से न केवल आम जनता की परेशानी दूर होगी, बल्कि संभावित हादसों और सुरक्षा खतरों को भी काफी हद तक टाला जा सकेगा।
पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगे आधुनिक एकीकृत सेवा केंद्र एनएचएलएमएल इन रोडसाइड सुविधाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत दीर्घकालिक पट्टे (Long-term Lease) पर विकसित कर रहा है। मौजूदा समझौतों के तहत, हाईवे पर बनने वाले प्रत्येक सुविधा केंद्र (WSA) में कुछ अनिवार्य सेवाएं देना पहले से तय है, लेकिन अब संविदात्मक ढांचे के तहत इसमें वाहन मरम्मत और पंचर ठीक करने की सुविधा को भी प्रमुखता से शामिल कर लिया गया है।
इन केंद्रों को ‘एकीकृत सेवा केंद्रों’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो वाणिज्यिक वाहन चालकों (ट्रक ड्राइवरों) और आम यात्रियों की सभी बुनियादी आवश्यकताओं को एक ही जगह पूरा करेंगे। सरकार की यह पहल देश में विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण और सुरक्षित, उपयोगकर्ता-केंद्रित परिवहन गलियारों को विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र और आर्थिक विकास को और अधिक गति मिलेगी।


