ईएमआरएस के जनजातीय छात्र अब बनेंगे ‘डिजिटल चैंपियन’: ओएनजीसी और कोल इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ मंत्रालय का बड़ा करार
नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी (NMDC) ने वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में मात्रा और वित्तीय, दोनों मोर्चों पर रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। अपनी प्रचालन उत्कृष्टता को बरकरार रखते हुए कंपनी ने स्थापना के बाद से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक मासिक उत्पादन और बिक्री दर्ज कर अपनी विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: नीति से नेतृत्व तक, आंकड़ों में देखिए कैसे सशक्त हो रही है देश की लाडली!
उत्पादन और बिक्री में ‘रिकॉर्ड’ उछाल
कंपनी की प्रचालन गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल जनवरी माह में ही 5.56 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन और 4.79 मिलियन टन की बिक्री हुई। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उत्पादन में 9% और बिक्री में 7% की वार्षिक वृद्धि है। यदि जनवरी 2026 तक के संचयी प्रदर्शन को देखें, तो कुल उत्पादन बढ़कर 42.65 मिलियन टन हो गया है, जो 19% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। वहीं, बिक्री भी 9.7% की बढ़त के साथ 39.73 मिलियन टन तक पहुंच गई है।
जशपुर में अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम : ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 10 हजार बच्चों में जगाई अंतरिक्ष विज्ञान की नई उम्मीद
राजस्व और मुनाफे में शानदार बढ़त
वित्तीय मोर्चे पर भी एनएमडीसी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वित्त वर्ष 2026 के प्रथम नौ महीनों में कंपनी का राजस्व 22% की जोरदार बढ़त के साथ ₹20,381 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। मुनाफे की बात करें तो टैक्स पूर्व लाभ (PBT) में 5% की वृद्धि के साथ यह ₹7,280 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध लाभ (PAT) 4% बढ़कर ₹5,401 करोड़ हो गया है। कंपनी की मजबूती को देखते हुए बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹2.50 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।
अब पूरी से प्रयागराज को जोड़ने की तैयारी: रेल की पटरियों के बिछने पर सरगुजा बनेगा देश की नई व्यापारिक और आध्यात्मिक धुरी”, बदलेगी तकदीर…
रणनीतिक विस्तार: कोयला खनन में भी रखा कदम
एनएमडीसी केवल लौह अयस्क तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी में झारखंड स्थित ‘टोकीसुद नॉर्थ’ कोयला खदान का उद्घाटन कंपनी के इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। यह एनएमडीसी की पहली कोयला खदान है, जो इसके भविष्य के रणनीतिक विजन को दर्शाती है।
छत्तीसगढ़ मार्कफेड में बड़ा निर्णय: शक्तिकांत द्विवेदी को बोर्ड का प्रभार
अपने वार्षिक लक्ष्यों की ओर मजबूती से बढ़ती एनएमडीसी ने यह साबित कर दिया है कि वह भारत की सबसे सशक्त खनन कंपनियों में से एक है। कंपनी का यह प्रदर्शन न केवल उसकी रणनीतिक कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि जिम्मेदार खनन और सतत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी पुख्ता करता है। देश के खनन क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करते हुए एनएमडीसी अब नई ऊर्जा के साथ भविष्य के लक्ष्यों के लिए तैयार है।

