नई दिल्ली: किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इंस्टाग्राम ने अपनी सुरक्षा नीतियों को वैश्विक स्तर पर कड़ा कर दिया है। अब 13 वर्ष से अधिक उम्र के किशोरों के लिए कंटेंट फिल्टरिंग के वे नियम पूरी दुनिया में लागू होंगे, जो अब तक केवल अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कुछ ही देशों तक सीमित थे।
हिंसा और ड्रग्स वाले पोस्ट पर ‘ब्लैकआउट’
नए नियमों के लागू होने के बाद अब इंस्टाग्राम पर हिंसा, नग्नता, ड्रग्स और गाली-गलौज से जुड़े पोस्ट किशोरों की फीड से गायब हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एल्गोरिदम में ऐसा बदलाव किया है कि वह खतरनाक स्टंट या नशे को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को किशोरों को रिकमेंड (Recommend) नहीं करेगा। इसका सीधा मतलब है कि अब किशोरों को अनचाहे और आपत्तिजनक वीडियो या फोटो उनकी फीड में आसानी से नहीं दिखेंगे।
नया ‘लिमिटेड कंटेंट’ फीचर
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए इंस्टाग्राम ने ‘लिमिटेड कंटेंट’ (Limited Content) नाम से एक सख्त फिल्टर पेश किया है। यह फीचर न केवल किशोरों को आपत्तिजनक पोस्ट देखने से रोकेगा, बल्कि उन्हें ऐसे पोस्ट पर कमेंट करने या किसी का आपत्तिजनक कमेंट प्राप्त करने से भी ब्लॉक कर देगा। कंपनी का मानना है कि हालांकि कोई भी सिस्टम 100% सटीक नहीं होता, लेकिन इस दिशा में यह एक बड़ी कोशिश है।
कानूनी दबाव और ‘मेटा’ की रणनीति
यह वैश्विक बदलाव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की अदालतों में मेटा (मार्क जुकरबर्ग की कंपनी) पर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को दांव पर लगाकर मुनाफा कमाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। अदालती दस्तावेजों से यह भी खुलासा हुआ है कि कंपनी को डायरेक्ट मैसेज (DM) में आने वाली अश्लील तस्वीरों की समस्या का पता वर्षों से था, फिर भी सुरक्षा फीचर्स लागू करने में देरी की गई। जानकारों का मानना है कि अब इन नियमों को पूरी दुनिया में लागू करना मेटा की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि वह अन्य देशों में भविष्य में होने वाली कानूनी जांचों से बच सके।
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