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नई दिल्ली: भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सुरक्षित और सुलभ गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने चौतरफा रणनीति अपनाई है। राज्यसभा में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवत द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सरकार अब केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों की ऑन-ग्राउंड सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना रही है।
सुरक्षा का नया ढांचा और समर्पित पुलिस पर्यटकों के मन से असुरक्षा का भाव खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के समन्वय से अब तक दिल्ली, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और केरल सहित 15 राज्यों में ‘पर्यटक पुलिस’ की विशेष तैनाती की जा चुकी है। इसके साथ ही, पर्यटकों को किसी भी भाषाई बाधा या संकट से उबारने के लिए 24×7 बहुभाषी हेल्पलाइन (1363) संचालित की जा रही है। यह हेल्पलाइन न केवल हिंदी और अंग्रेजी, बल्कि 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में भी सहायता प्रदान करती है, जिससे विदेशी सैलानियों को भारत में घर जैसा अहसास हो सके।
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महिला सुरक्षा और सम्मानजनक पर्यटन महिला पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मंत्रालय ने राज्यों को ‘निर्भया फंड’ का सक्रिय उपयोग करने का निर्देश दिया है। इसके माध्यम से पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी, महिला पुलिस की गश्त और बेहतर लाइटिंग जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, ‘सेफ एंड ऑनरेबल टूरिज्म के लिए कोड ऑफ कंडक्ट’ को अपनाया गया है, ताकि पर्यटन स्थलों पर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें शोषण मुक्त वातावरण मिले।
डिजिटल सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए NIDHI+ पोर्टल के जरिए होटलों और ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। वहीं, पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए उड़ान (RCS-UDAN) योजना के तहत 53 प्रमुख पर्यटन मार्गों को हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है। ई-वीजा सुविधा का विस्तार करते हुए इसे अब 175 देशों के लिए सुलभ कर दिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का भारत आना और भी आसान हो गया है।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का संरक्षण बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, सरकार स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASHAD) जैसी योजनाओं के जरिए धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प कर रही है। अब तक लगभग ₹1726 करोड़ की लागत से 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। विशेष रूप से बिहार में जैन सर्किट का विकास कार्य पूरा होना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जो पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है।
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कुल मिलाकर, केंद्र सरकार के ये सुधार न केवल पर्यटन के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही ला रहे हैं, बल्कि भारत को दुनिया के सामने एक सुरक्षित, आधुनिक और स्वागत करने वाले राष्ट्र के रूप में भी पेश कर रहे हैं।

