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नई दिल्ली: आयुर्वेद को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भारत सरकार ने एक मील का पत्थर स्थापित किया है। 10 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) के बीच एक विशेष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद, अब देश की सभी 32 जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के बीमा धारक AIIA में कैशलेस इलाज की सुविधा पा सकेंगे। यह कदम आयुर्वेद चिकित्सा को आधुनिक बीमा इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने की दिशा में सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

इलाज के लिए पैसे की चिंता खत्म: 1.82 लाख से अधिक लोगों को राहत इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो अब तक आयुर्वेद को बीमा कवर से बाहर होने के कारण अपना इलाज नहीं करा पाते थे। अब AIIA को सभी 32 बीमा कंपनियों के पैनल में शामिल कर लिया गया है। इससे मरीजों को भर्ती होने पर अस्पताल में बिल चुकाने की जरूरत नहीं होगी; बीमा कंपनियां सीधे अस्पताल को भुगतान करेंगी। यह न केवल इलाज को सुलभ बनाएगा बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पर आम जनता का भरोसा भी बढ़ाएगा।
छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए विशेष अवसर छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध पारंपरिक औषधियों और आयुर्वेद के प्रति झुकाव के लिए जाना जाता है, वहां के नागरिकों के लिए यह एक बड़ी सौगात है। छत्तीसगढ़ के वे लोग जो गंभीर बीमारियों के आयुर्वेदिक उपचार के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) का रुख करते हैं, अब अपने हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड के जरिए वहां मुफ्त (कैशलेस) इलाज करा सकेंगे। यह छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए आर्थिक बोझ को कम करने वाला साबित होगा।
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मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन: 1800-11-0008 आयुष मंत्रालय ने बीमा लाभार्थियों की सहायता के लिए देश की पहली आयुष हेल्थ इंश्योरेंस हेल्पलाइन भी शुरू की है। अगर किसी मरीज को अपनी पॉलिसी या कैशलेस कवरेज को लेकर कोई सवाल है, तो वह सुबह 9:30 से शाम 5:00 बजे के बीच 1800-11-0008 पर कॉल कर सकता है।
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क्या है AIIA की ताकत? अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आयुर्वेद का ‘एम्स’ (AIIMS) है। यहाँ 200 बिस्तरों वाला रेफरल अस्पताल, 25 स्पेशलिटी विभाग और आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें उपलब्ध हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. पी. के. प्रजापति ने बताया कि इस समझौते से आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवा की पहुंच, सामर्थ्य और विश्वसनीयता में अभूतपूर्व सुधार होगा।

