अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो गया है और इसकी औपचारिक हस्ताक्षर प्रक्रिया 19 जून को स्विट्जरलैंड में पूरी की जाएगी।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में अहम योगदान दिया। समझौते के तहत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने पर सहमति बनी है। हस्ताक्षर से पहले तकनीकी और पूर्व-कार्यान्वयन बैठकों का दौर भी आयोजित किया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए इसे एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और वैश्विक तेल बाजारों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

