रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है। राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के कुल 1,43,215 दिव्यांगजन इस योजना से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। जिलेवार जारी की गई इस विस्तृत सूची (प्रपत्र-ब) से स्पष्ट होता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिव्यांगों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
दुर्ग और जांजगीर-चांपा में सर्वाधिक लाभार्थी आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि दुर्ग जिले में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक है, जहाँ 14,319 दिव्यांगजनों को पेंशन मिल रही है। इसके बाद जांजगीर-चांपा का स्थान आता है, जहाँ 11,204 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राजधानी रायपुर में यह संख्या 9,070 है, जबकि बिलासपुर में 9,688 दिव्यांगों को योजना का लाभ मिल रहा है।
अन्य प्रमुख जिलों की स्थिति प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण जिलों में भी लाभार्थियों की संख्या काफी अधिक है। कांकेर में 8,831, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 7,953 और धमतरी में 7,377 दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। बस्तर संभाग के जिलों जैसे कोंडागांव (6,799) और जशपुर (5,592) में भी योजना का बेहतर क्रियान्वयन देखने को मिल रहा है। वहीं, छोटे और नए जिलों में नारायणपुर (262) और बीजापुर (870) में लाभार्थियों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम दर्ज की गई है।
सामाजिक समावेश की दिशा में बड़ा कदम यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के संकल्प पर काम कर रही है। नवीन जिलों जैसे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (1,595), सारंगढ़-बिलाईगढ़ (4,512) और शक्ति (5,443) में भी बड़ी संख्या में दिव्यांगों को चिन्हित कर उन्हें पेंशन योजना से जोड़ा गया है। कुल 33 जिलों के इस एकीकृत डेटा से सामाजिक कल्याण विभाग की सक्रियता का पता चलता है।



