रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में घोषित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार पूरी दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसका उद्देश्य शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना करना था। पारदर्शिता, संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हुए जनता का विश्वास फिर से अर्जित किया गया।
उन्होंने कहा कि सेवा का दूसरा वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसमें आधारभूत ढांचे के विकास, सामाजिक उत्थान और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। इन उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को सबसे बड़ा आशीर्वाद मातृशक्ति से प्राप्त होता है। माताओं और बहनों के स्नेह, विश्वास और सहयोग से ही सरकार को जनसेवा की प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है। इसी भावना से प्रेरित होकर आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष के दौरान राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्र माताएँ और बहनें होंगी। यह वर्ष मातृशक्ति के सम्मान के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का नया अध्याय लिखा जाएगा, जो विकसित और समरस छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जांजगीर में आयोजित ‘जनादेश परब’ के अवसर पर ऐतिहासिक जनसभा में मिले व्यापक जनसमर्थन के लिए प्रदेशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जनसभा में उपस्थित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायी उद्बोधन से कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसभा में उमड़ी विशाल भीड़ लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है।


