नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 10 जून 2026 को भारतीय राजनीति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। आज वे देश के सबसे लंबे समय तक लगातार शासन करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 64 वर्ष पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
4399 दिनों का ऐतिहासिक कार्यकाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार पद की शपथ ली थी। आज 10 जून 2026 को उनका लगातार कार्यकाल 4399 दिनों का हो गया है। इसके विपरीत, पंडित नेहरू का चुनाव जीतने के बाद का लगातार कार्यकाल 4398 दिनों का था। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री मोदी 25 जुलाई 2025 को ही इंदिरा गांधी के 4077 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार कर चुके थे।
बदलता भारत: 7 से 21 राज्यों तक पहुंचा भाजपा का दायरा
पीएम मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल में न केवल देश की प्रशासनिक और आर्थिक दिशा बदली है, बल्कि भाजपा का राजनीतिक विस्तार भी अभूतपूर्व रहा है। वर्ष 2014 में जब मोदी ने कार्यभार संभाला था, तब देश के 7 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें थीं। आज यह संख्या बढ़कर 21 राज्यों तक पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में भाजपा और उसके सहयोगी दल देश के करीब 72 फीसदी क्षेत्रफल और 76 फीसदी आबादी पर शासन कर रहे हैं।
नेहरू बनाम मोदी: दो अलग युगों की चुनौतियां
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की तुलना करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि दोनों ने बिल्कुल अलग दौर और परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया।
पंडित नेहरू के समय देश की आबादी लगभग 34 करोड़ थी, जबकि आज यह 146 करोड़ के पार है। नेहरू के समय 1952 में केवल 53 राजनीतिक दल सक्रिय थे, वहीं आज देश में 2593 से अधिक राजनीतिक दल मौजूद हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में करीब 14 गुना की वृद्धि हुई है। नेहरू के समय आर्थिक वृद्धि दर लगभग 4 प्रतिशत थी, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रही है। जीडीपी के आंकड़ों में भी भारी उछाल आया है।
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बुनियादी ढांचे और शिक्षा में विस्तार
मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ढांचागत सुधारों पर विशेष जोर दिया है। नेहरू युग में 5 आईआईटी और 1 एम्स की स्थापना हुई थी, वहीं मोदी सरकार के दौरान आईआईटी की संख्या 16 से बढ़कर 23, आईआईएम 13 से बढ़कर 21 और एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है।
विकास का सबका साथ मॉडल
विशेषज्ञों के अनुसार, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की अवधारणा और डिजिटल कल्याण योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तथा वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख ने पीएम मोदी के शासन को एक अलग पहचान दी है। 24 घंटे की सार्वजनिक निगरानी और सोशल मीडिया के दौर में हर निर्णय के तत्काल मूल्यांकन के बीच, प्रधानमंत्री का यह कीर्तिमान एक असाधारण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।


