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रायपुर एक फरवरी 2026। संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 पर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और भाजपा के वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिश ने बजट को ऐतिहासिक, दूरदर्शी और विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत कदम बताया है। वहीं कांग्रेस ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा है कि न आम जनता को राहत मिली है और न ही किसानों को कोई ठोस सहायता प्रदान की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बजट को अडानी केंद्रित बताते हुए कहा कि इससे देश को कुछ नहीं मिला और छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
बजट 2026–27 मिडिल क्लास को राहत पढ़ाई, दवाइयाँ, मोबाइल और खेल सामान सस्ता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट को भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास, रोजगार वृद्धि और सबका साथ सबका विकास की नीति को केंद्र में रखकर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, किसान, युवा, महिला और श्रमिक वर्ग को इससे व्यापक लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ को भी प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कृषि, एआई आधारित उत्पादकता, पशुपालन, ग्रामीण उद्योग, स्टार्टअप, एमएसएमई, पर्यटन, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर किए गए प्रावधानों को राज्यों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दवाइयां, कपड़े, मोबाइल, ईवी बैटरी और कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होने से आम जनता को राहत मिलेगी।
केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह अवसर ऐतिहासिक है, क्योंकि नौवीं बार एक ही वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया गया। उन्होंने बताया कि कैपेक्स को ग्यारह लाख करोड़ से बढ़ाकर बारह लाख करोड़ किया गया है, जो अधोसंरचना विकास के लिए बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 को गति देगा।
समावेशी विकास के विपरीत असमानता बढ़ाने वाला बजट — कांग्रेस का बयान
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बजट युवाओं, किसानों और माताओं के हित में है और इससे छोटे शहरों के तीर्थ स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलोचना कर रही है, लेकिन जनता कांग्रेस के रवैये को अच्छी तरह समझती है।
वरिष्ठ भाजपा विधायक धरमलाल कौशिश ने कहा कि बजट विकसित भारत 2047 की तैयारी के अनुरूप है और युवा, किसान, महिला और श्रमिक सभी का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस बजट का प्रभाव लोगों के जीवन पर स्पष्ट दिखाई देगा।
केंद्रीय बजट 2026 आम जनता के साथ विश्वासघात: जिलाध्यक्ष यू.डी. मिंज
दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने बजट को असमानता बढ़ाने वाला, महंगाई को तेज करने वाला और रोजगार के अवसर घटाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कोयला, माइनिंग और स्क्रैप पर टैक्स बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ेगी और जनता को दोहरा बोझ उठाना पड़ेगा। कांग्रेस ने एसटीटी वृद्धि को निवेशकों पर प्रहार बताया और कहा कि आयकर में कोई राहत नहीं दी गई। पार्टी ने दावा किया कि एमएसएमई, किसान, युवा और छोटे उद्योग सभी इस बजट से निराश हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह बजट देश के हित में नहीं है और छत्तीसगढ़ को पूरी तरह अडानी के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि न किसानों को नई योजनाएं मिलीं, न उद्योगों को सहायता और न ही युवाओं के लिए रोजगार की ठोस नीति सामने आई।
रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बजट को गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को सशक्त करने वाला बताया और कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव रखता है।
छत्तीसगढ़ में बजट 2026 पर राजनीतिक मतभेद स्पष्ट हैं। सत्ता पक्ष इसे भविष्य की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है, जबकि विपक्ष इसे निराशाजनक और आम लोगों के हितों के विपरीत बता रहा है। आने वाले दिनों में बजट के प्रावधानों का सीधा असर प्रदेश की राजनीति और जनजीवन दोनों पर देखने को मिलेगा।
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