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सूरजपुर | 11 फरवरी 2026
सूरजपुर जिले में कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर खुद आधी रात को सड़कों पर उतरे। 9 और 10 फरवरी की दरमियानी रात उन्होंने जयनगर थाने का अचानक (औचक) निरीक्षण किया। देर रात जब साहब खुद थाने पहुंचे, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी और अपडेटेड रिकॉर्ड देखकर एसएसपी ने उनकी जमकर सराहना की।
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क्यों कहा एसएसपी ने ‘वेरी गुड’?
निरीक्षण के दौरान डीआईजी श्री ठाकुर ने पाया कि थाना केवल खुला ही नहीं था, बल्कि पूरी तरह एक्टिव मोड में था। उनके ‘गुड’ और ‘वेरी गुड’ कहने के पीछे ये मुख्य कारण रहे. थाने का रिकॉर्ड अपडेट और सभी रजिस्टर और डॉक्यूमेंटेशन पूरी तरह अपडेट पाए गए।
नाइट ऑफिसर ने क्षेत्र के अपराधियों का ब्यौरा रखा था निगरानी बदमाशों और गुंडा तत्वों की जानकारी जुबानी और सटीक तरीके से साझा की। थाने के बाद जब साहब गश्त पॉइंट पर पहुंचे, तो वहां तैनात अधिकारी और जवान पूरी तरह अलर्ट मिले।
“आम जनता में दिखे सुरक्षा का भाव” SSP
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने न केवल ड्यूटी चेक की, बल्कि जवानों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं और गुजारिशें भी सुनीं। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात टीम को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “रात्रि गश्त का असली उद्देश्य अपराध रोकना और अपराधियों को पकड़ना तो है ही, साथ ही आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति सुरक्षा की भावना जगाना भी है। समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए हमेशा संवेदनशील रहें।”
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डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर निर्देश दिया कि थाने आने वाले पीड़ितों की समस्याओं पर तत्काल एक्शन लिया जाए।रात के समय गश्त के दौरान प्रोफेशनल व्यवहार और सतर्कता बरती जाए।
गश्त का उचित ‘डॉक्यूमेंटेशन’ सुनिश्चित किया जाए।

