रायपुर: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताज़ा सरकारी आंकड़ों ने जशपुर जिले के विभिन्न तहसीलों में लंबित राजस्व मामलों की चिंताजनक स्थिति उजागर की है।
विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों में बड़ी संख्या में देरी देखने को मिल रही है, जिससे आम जनता को अपनी जमीनों से जुड़े कार्यों के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है।
अविवादित नामांतरण के मामलों पर गौर करें तो कुल 1862 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 401 मामले अभी भी लंबित हैं। इस श्रेणी में सबसे सुस्त स्थिति बगीचा तहसील की नजर आती है, जहाँ अकेले 216 मामले अटके हुए हैं। जशपुर में 82 और सन्ना में 60 मामले लंबित हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में कुल 95 मामले ऐसे हैं जो निर्धारित समयसीमा को भी पार कर चुके हैं।
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सीमांकन के मामलों में स्थिति और भी अधिक गंभीर बनी हुई है। यहाँ कुल 314 दर्ज मामलों में से 194 मामले अब भी लंबित हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन लंबित मामलों में से 110 मामले समयसीमा से बाहर हो चुके हैं। जशपुर तहसील में सीमांकन के सबसे अधिक 55 मामले समयसीमा से बाहर चल रहे हैं, जबकि बगीचा तहसील में यह संख्या 44 दर्ज की गई है।
इसी तरह विवादित नामांतरण की श्रेणी में कुल 286 मामलों में से 105 मामले लंबित हैं, जिनमें से 44 मामले समयसीमा के भीतर हल नहीं किए जा सके। जशपुर तहसील में ऐसे 22 मामले लंबित हैं जो तय वक्त में पूरे नहीं हो पाए। कुल मिलाकर विभाग के ये आंकड़े बताते हैं कि विशेष रूप से जशपुर और बगीचा तहसीलों में राजस्व कार्यों की गति काफी धीमी है, जिसके कारण बड़ी संख्या में प्रकरण समयसीमा के बाहर जा चुके हैं।


