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रायपुर, 06 मार्च 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने राज्य की भाजपा सरकार पर स्कूली छात्रों की छात्रवृत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक बड़ा षडयंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जटिल प्रक्रियाओं, पोर्टल की अव्यावहारिक शर्तों और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के जरिए छात्रों और पालकों को परेशान कर रही है। अब स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि पालकों से जबरिया छात्रवृत्ति समर्पण का सहमति पत्र लिखवाया जा रहा है, ताकि इसके आधार पर आरक्षित वर्ग के छात्रों को उनकी राशि से वंचित किया जा सके। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस तर्ज पर धान खरीदी में किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया गया था, उसी तर्ज पर अब बच्चों की पढ़ाई की आर्थिक मदद को छीना जा रहा है।
सुरेंद्र वर्मा ने बैंकिंग व्यवस्था और पोर्टल की खामियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के छात्रों के पालकों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति भेजने की सुगम व्यवस्था थी, लेकिन अब तीसरी से आठवीं कक्षा के नाबालिग बच्चों के नाम पर ही बैंक खाता होना अनिवार्य कर दिया गया है। छोटे बच्चों का खाता खुलवाना पालकों के लिए अत्यंत कठिन साबित हो रहा है और वे बैंकों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसका कोई समाधान नहीं निकाला है। आरक्षित वर्ग के गरीब बच्चों के लिए यह राशि केवल एक मदद नहीं बल्कि उनकी शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने का आधार है, लेकिन सत्र समाप्त होने को है और अब तक छात्रों को छात्रवृत्ति का पैसा नहीं मिला है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल में किए गए अव्यावहारिक बदलावों के कारण लाखों छात्र इस लाभ से वंचित हो रहे हैं। राशन कार्ड और बैंक खातों में आधार लिंक की अनिवार्यता के साथ-साथ दस्तावेजों में मामूली स्पेलिंग मिसमैच होने पर भी पोर्टल आवेदन अमान्य कर दे रहा है। इसे सुधारने के लिए छात्रों और पालकों को कोई पृथक सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है और बैंकों में भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। आधार और राशन कार्ड को अपडेट करवाने के चक्कर में छात्र, पालक और शिक्षक सभी परेशान हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी अव्यावहारिक शर्तें थोप रही है ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से दूर रखा जा सके।

