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रायपुर। चौथी कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर शिक्षा विभाग में विवाद खड़ा हो गया है। दैनिक समाचार पत्र नवभारत में 8 जनवरी 2026 को प्रकाशित खबर के बाद लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जारी नोटिस के अनुसार महासमुंद जिले की कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र में एक सवाल पूछा गया था, जिसमें कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में हिंदू धर्म के आराध्य भगवान राम का नाम शामिल किया गया। इस प्रश्न को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही गई है।
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लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि जिले के अंतर्गत संचालित प्राथमिक शालाओं की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों का निर्धारण, मुद्रण एवं वितरण की समस्त जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की होती है। इसके बावजूद प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय प्रश्न शामिल हो गया। संचालनालय ने इसे शासन एवं विभाग की छवि को धूमिल करने वाला कृत्य बताया है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि उक्त कृत्य पदस्थ अधिकारी द्वारा घोर लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्पष्ट जवाब मांगा है कि क्यों न उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समयावधि में अपना लिखित स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी को प्रस्तुत करें, अन्यथा नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर इसकी गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।

