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जशपुरनगर :- श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का मंगलवार को सातवें दिन पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन का आयोजन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण रहा। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी और पूरा पंडाल भक्तजनों से खचाखच भरा रहा।
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सातवें दिन के जजमान आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील सिन्हा एवं उनकी धर्मपत्नी प्रेमलता सिन्हा रहीं। विधिवत पूजन-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने श्रीमद भागवत के अंतिम प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायक वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से धर्म, भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि भागवत श्रवण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
*फूलों की होली में झूमे श्रद्धालु*
कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली खेली गई। जैसे ही पुष्प वर्षा प्रारंभ हुई, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। महिलाएं, पुरुष, युवा एवं बच्चे सभी फूलों की होली में सहभागिता करते नजर आए। इस दिव्य दृश्य ने आयोजन को यादगार बना दिया।
*भक्ति और आस्था का उमड़ा सैलाब*
अंतिम दिन कथा श्रवण के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा स्थल पर बैठने की जगह कम पड़ गई और बाहर तक भक्तों की भीड़ दिखाई दी। आयोजन समिति द्वारा सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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कथा के समापन पर महाआरती की गई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
*हवन-पूजन के साथ पूर्ण हुई कथा, भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद*
बुधवार सुबह विधि-विधान से हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न की गई। वैदिक मंत्रोच्चार एवं आहुति के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा। हवन के उपरांत दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जो शाम 4 बजे तक चला।
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भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से प्रसाद वितरण किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्था सराहनीय रही।
इस प्रकार सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा भक्ति, श्रद्धा, सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न हुई। नगरवासियों ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक


