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रायपुर: प्रदेश के बुजुर्गों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए ‘सियान गुड़ी’ यानी डे-केयर सेंटरों की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी है। विधानसभा में विधायक श्री दलेश्वर साहू के सवाल का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के कुल 14 जिलों में इन केंद्रों को खोलने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन जिलों में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार, रायगढ़, बालोद, धमतरी, सूरजपुर, अंबिकापुर, जशपुर और जांजगीर-चांपा शामिल हैं।
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निराश्रित निधि और सीएसआर से होगी फंडिंग
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों के संचालन के लिए बजट का इंतजाम जिला स्तर पर ही किया जाएगा। कुल खर्च की 50 प्रतिशत राशि जिले की ‘निराश्रित निधि’ से ली जाएगी, जबकि बाकी की 50 प्रतिशत राशि सीएसआर (CSR) फंड या अन्य मदों के माध्यम से जुटाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि फंड की कमी से काम न रुके।
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संस्थाओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रदेश के कई जिलों में इन केंद्रों के संचालन की अनुमति भी दे दी गई है। रायपुर जिले में ‘महाराष्ट्र मण्डल’ और रायगढ़ में ‘उन्नायक सेवा समिति’ जैसी स्वैच्छिक संस्थाएं इनका संचालन करेंगी। वहीं, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा में स्थानीय नगर पालिका परिषदों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिलासपुर, सरगुजा, दुर्ग और जशपुर जैसे बाकी जिलों में फिलहाल संचालन की प्रक्रिया पाइपलाइन में है और जल्द ही वहाँ भी काम शुरू हो जाएगा।
अनुदान में नहीं हुई है कोई बढ़ोतरी
खबर यह भी है कि राज्य सरकार ने फिलहाल वृद्धाश्रमों को मिलने वाले सरकारी अनुदान में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की है। इसके अलावा, इन केंद्रों की स्थापना पूरी करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है, क्योंकि अलग-अलग जिलों में प्रक्रिया के चरण अलग-अलग हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन केंद्रों को क्रियाशील कर बुजुर्गों को सामाजिक माहौल और सुरक्षा प्रदान की जाए।
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