*सरगुजा संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति* बतौली के सुवारपारा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) से जोड़ने वाली रपटी पुलिया हल्की बारिश में ही जलमग्न हो जाती है। पुलिया पर पानी भर जाने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया पर पानी भरने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, शिक्षकों तथा दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। वहीं आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को जोखिम उठाकर पुलिया पार करनी पड़ती है।
इस समस्या को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो से वीडियो के माध्यम से मांग की है कि मौजूदा रपटी पुलिया के स्थान पर एक ऊंचे और स्थायी बड़े पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके।
जहां बिरिमकेला ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि यह मार्ग सीधे एनएच-43 से जुड़ता है और इसके माध्यम से सरमना, बिरिमकेला, महेशपुर, बटाईकेला, सहनपुर और तेलाईधार सहित कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। पुलिया में पानी भरने से इन सभी गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से थाना, तहसील, जनपद पंचायत, अस्पताल, बाजार और अन्य शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने के लिए भी इसी रास्ते का उपयोग किया जाता है। बरसात के दौरान पुलिया डूब जाने से लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं और समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस रपटी पुलिया के स्थान पर शीघ्र ही एक बड़े और सुरक्षित पुल की स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को हर वर्ष होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

