रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी सत्र 24 फरवरी को कई अहम सवालों के साथ बेहद गर्म रहने वाला है।
विधायकों ने अलग-अलग विभागों से जुड़े मुद्दों पर तारांकित प्रश्न लगाए हैं, जिन पर मंत्रियों को सदन में जवाब देना होगा। इस बार जिन विभागों पर सबसे अधिक सवाल उठे हैं, उनमें जल संसाधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, खनिज, सहकारिता, परिवहन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन प्रमुख हैं।
सदन में जल संकट से लेकर सिंचाई परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठेंगे, वहीं कई क्षेत्रों में कम पानी, अधूरे बांध, नाली और नहर की मरम्मत को लेकर विधायक सरकार से जवाब मांगेंगे। खनिज विभाग से जुड़े सवालों में खान पट्टों की स्थिति, खनन अनुमति और खनिज राजस्व की पारदर्शिता पर चर्चा होगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पर ग्रामीण क्षेत्रों में वनों की कटाई, वन भूमि का उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े सवाल गूंजेंगे।
ऊर्जा विभाग को भी भारी जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा क्योंकि विधायकों ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती, जले ट्रांसफॉर्मर, नई लाइन बिछाने और वोल्टेज समस्या पर सवाल खड़े किए हैं। सहकारिता विभाग पर किसानों को लाभ वितरण, समितियों की कार्यप्रणाली और सहकारी संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तय है। परिवहन विभाग के समक्ष सड़क सुरक्षा, बस सेवाओं की स्थिति और दुर्घटनाओं को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर जवाब देने की चुनौती रहेगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग पर कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा राहत, मुआवज़ा वितरण और जमीन से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग से भी कॉलेजों और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर जवाब मांगा गया है। गृह विभाग को जेल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर जानकारी देनी होगी।
कुल मिलाकर 24 फरवरी को सदन में पानी, जंगल, खनिज, बिजली, सड़क, शिक्षा, सहकारिता और आपदा प्रबंधन जैसे जीवन से सीधे जुड़े मुद्दों पर तगड़ी बहस देखने को मिलेगी। जनता के हितों से जुड़े इन सवालों पर सरकार किस तरह जवाब देती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

