छत्तीसगढ़ में 3 साल में 35 हजार से ज्यादा महिलाएं और 10 हजार बालिकाएं गायब; आखिर कहाँ जा रही है प्रदेश की बेटियाँ ?
जशपुर/CG Now: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारों के बीच एक डरावनी सच्चाई विधानसभा के पटल पर सामने आई है। प्रदेश स्तर पर महिलाओं की गुमशुदगी के जो आंकड़े पेश किए गए हैं, उनमें जशपुर जिले की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से यह साफ होता है कि पिछले तीन वर्षों (2023 से जनवरी 2026) के दौरान जशपुर जिले से कुल 712 महिलाएं और 290 मासूम बालिकाएं रहस्यमयी ढंग से लापता हुई हैं, जिनमें से कई का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
जशपुर जैसे शांत वनांचल क्षेत्र में गुमशुदगी का यह बढ़ता ग्राफ सीधे तौर पर मानव तस्करी (Human Trafficking) की ओर इशारा करता है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में जहाँ 192 महिलाओं के लापता होने की सूचना थी, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 255 तक पहुँच गई। इसी तरह बालिकाओं की सुरक्षा के मामले में भी स्थिति बिगड़ती जा रही है, जहाँ वर्ष 2023 में 83 बालिकाएं गायब हुईं, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 133 के पार चला गया। केवल जनवरी 2026 के एक महीने के भीतर ही जिले से 27 महिलाएं और 15 बालिकाओं के गायब होने की सूचना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि जशपुर की बेटियों को रोजगार और बेहतर भविष्य का झांसा देकर महानगरों में खपाने वाले गिरोह आज भी सक्रिय हैं। हालांकि पुलिस विभाग समय-समय पर ‘मुस्कान’ जैसे अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चों की तलाश का दावा करता है, लेकिन फरवरी 2026 की स्थिति में जिले के सैकड़ों परिवार आज भी अपनी लाडलियों की वापसी की राह ताक रहे हैं। जशपुर के ग्रामीण अंचलों से जिस तरह से बेटियां ‘गायब’ हो रही हैं, वह न केवल कानून व्यवस्था की विफलता है बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
विधानसभा में पेश यह ‘महायोग’ चीख-चीख कर शासन और प्रशासन से सवाल पूछ रहा है कि आखिर जशपुर की बेटियाँ कहाँ जा रही हैं? क्या इन गुमशुदगी के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है और प्रशासन उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है? अब देखना यह होगा कि इन खौफनाक आंकड़ों के सामने आने के बाद क्या जशपुर पुलिस कोई विशेष रणनीति तैयार करती है या फिर इसी तरह बेटियाँ लापता होती रहेंगी।

